प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित एक व्यापक सामाजिक सहायता कार्यक्रम है। केंद्र सरकार ने इस कार्यक्रम का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना कर दिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 अक्टूबर 2026 को नए नाम को मंजूरी दी। सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक के लिए इस कार्यक्रम के तहत 53,428 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। इसके अंतर्गत वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन और परिवार को आर्थिक सहायता जैसी योजनाएं शामिल हैं। इस कार्यक्रम से देशभर में लगभग 3.20 करोड़ लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना की मुख्य जानकारी | |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना |
| पहले का नाम | राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम |
| कार्यक्रम शुरू होने की तारीख | 15 अगस्त 1995 |
| नया नाम कब दिया गया | 14 अक्टूबर 2026 |
| मंजूरी देने वाली संस्था | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल |
| कार्यान्वयन करने वाला विभाग | ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय |
| कार्यक्रम का कुल बजट | वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक के लिए 53,428 करोड़ रुपये |
| अनुमानित लाभार्थी | सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 3.20 करोड़ लोग |
| केंद्र सरकार की आर्थिक सहायता | केंद्र सरकार निर्धारित सहायता देती है। राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपने नियमों के अनुसार अतिरिक्त सहायता भी दे सकते हैं। |
| वृद्धावस्था पेंशन | प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना: 200 या 500 रुपये प्रतिमाह |
| विधवा पेंशन | प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना: 300 या 500 रुपये प्रतिमाह |
| दिव्यांग पेंशन | प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना: 375 या 625 रुपये प्रतिमाह |
| परिवार को आर्थिक सहायता | प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना: एकमुश्त 20,000 रुपये |
| खाद्यान्न सहायता | अन्नपूर्णा योजना: पात्र लाभार्थियों को हर महीने 10 किलोग्राम मुफ्त खाद्यान्न |
| राज्य सरकार से अतिरिक्त सहायता | राज्य के नियमों के अनुसार 50 रुपये से 5,700 रुपये प्रतिमाह तक |
| सहायता राशि मिलने का तरीका | जहां यह सुविधा लागू है, वहां प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से लाभार्थी के बैंक या डाकघर खाते में राशि भेजी जाती है। |
| आधिकारिक जानकारी का पोर्टल | ग्रामीण विकास मंत्रालय का सामाजिक सहायता पोर्टल |

प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना का परिचय: एक संक्षिप्त जानकारी
देश में लाखों लोगों को बढ़ती उम्र में आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पति या पत्नी की मृत्यु के बाद भी कई लोगों के लिए घर का खर्च चलाना मुश्किल हो जाता है। दिव्यांगता के कारण नियमित आय का साधन न होने पर भी परिवारों को आर्थिक चुनौतियों से जूझना पड़ता है। इसके अलावा, जब किसी गरीब परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की अचानक मृत्यु हो जाती है, तो परिवार के सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का संकट खड़ा हो सकता है। प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना केंद्र सरकार का एक व्यापक कार्यक्रम है, जिसके अंतर्गत जरूरतमंद लोगों को अलग-अलग प्रकार की सामाजिक और आर्थिक सहायता दी जाती है।
इस कार्यक्रम का नया नाम पहले से चल रहे राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को दिया गया है। यह कार्यक्रम 15 अगस्त 1995 को शुरू हुआ था। 14 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसका नाम और इसके अंतर्गत आने वाली योजनाओं के नाम बदलने की मंजूरी दी। सरकार ने इस कार्यक्रम को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक अगले पांच वर्षों के लिए जारी रखने का निर्णय लिया है। इस अवधि के लिए 53,428 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
यह कार्यक्रम भारतीय संविधान के अनुच्छेद 41 की भावना के अनुरूप सामाजिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से काम करता है। इस अनुच्छेद में राज्य को वृद्धावस्था, दिव्यांगता और इसमें बताई गई अन्य जरूरतों का सामना कर रहे लोगों को सार्वजनिक सहायता देने के लिए प्रयास करने का निर्देश दिया गया है।
ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय इस कार्यक्रम को राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों के सहयोग से लागू करता है। केंद्र सरकार प्रत्येक योजना के लिए निर्धारित आर्थिक सहायता देती है। इसके अलावा, राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपनी योजनाओं तथा नियमों के अनुसार लाभार्थियों को अतिरिक्त सहायता दे सकते हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं, दिव्यांगजनों और परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य को खो चुके परिवारों को बुनियादी सामाजिक सुरक्षा देना है।
यह कार्यक्रम अलग-अलग जरूरतों के लिए कई उप-योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराता है। प्रत्येक योजना की पात्रता और लाभ अलग-अलग हैं। आप नीचे दिए गए लेखों में इन योजनाओं की पूरी जानकारी पढ़ सकते हैं:
- प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना, पहले संचालित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना की जगह शुरू की गई है।
- प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना, पहले संचालित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना की जगह शुरू की गई है।
- प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना, पहले संचालित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगता पेंशन योजना की जगह शुरू की गई है।
- प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना, पहले संचालित राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना की जगह शुरू की गई है।
इन सभी योजनाओं के तहत मिलने वाली सहायता अलग-अलग है। वृद्धावस्था पेंशन के अंतर्गत केंद्र सरकार की ओर से हर महीने 200 या 500 रुपये दिए जाते हैं। विधवा पेंशन के तहत 300 या 500 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। दिव्यांग पेंशन के अंतर्गत 375 या 625 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। वहीं, परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु होने पर पात्र परिवार को परिवार लाभ योजना के तहत एक बार में 20,000 रुपये की सहायता दी जाती है।
राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपनी योजनाओं के तहत पेंशन में अतिरिक्त राशि भी जोड़ सकते हैं। यह अतिरिक्त सहायता राज्य के नियमों के अनुसार 50 रुपये से लेकर 5,700 रुपये प्रतिमाह तक हो सकती है। इसके अलावा, अन्नपूर्णा योजना के तहत उन पात्र वरिष्ठ नागरिकों को हर महीने 10 किलोग्राम खाद्यान्न मुफ्त दिया जाता है, जो वृद्धावस्था पेंशन के लिए पात्र हैं, लेकिन उन्हें पेंशन नहीं मिल रही है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लाभों में सबसे बड़ा बदलाव दिव्यांग पेंशन से जुड़ा है। दिव्यांगता की निर्धारित सीमा 80% से घटाकर 40% कर दी गई है। साथ ही, न्यूनतम आयु की शर्त भी हटा दी गई है। दूसरी ओर, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और परिवार को आर्थिक सहायता देने वाली योजनाएं अपनी मौजूदा पात्रता शर्तों के अनुसार जारी रहेंगी। इस कार्यक्रम से सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 3.20 करोड़ लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
लाभ लेने के लिए पात्र व्यक्ति को अपनी स्थिति के अनुसार संबंधित उप-योजना के तहत आवेदन करना होगा। राज्य में उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर आवेदक उमंग पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं, राज्य सरकार के पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं या ग्राम पंचायत, ब्लॉक कार्यालय, नगर निकाय कार्यालय अथवा जिला समाज कल्याण कार्यालय से सहायता ले सकते हैं।
पेंशन पाने वाले लोगों को अपना वार्षिक जीवन प्रमाणपत्र जमा करने से जुड़े नियम भी जांचने चाहिए। जहां डिजिटल सुविधा उपलब्ध है, वहां मोबाइल ऐप के माध्यम से जीवन प्रमाणपत्र जमा किया जा सकता है। इससे कुछ मामलों में कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ती। आवेदन, दस्तावेज या भुगतान से जुड़ी समस्या होने पर आवेदक और मौजूदा लाभार्थी अपने स्थानीय ब्लॉक या जिला कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
वरिष्ठ नागरिक स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं की जानकारी के लिए आयुष्मान भारत वय वंदना कार्ड के बारे में भी पढ़ सकते हैं। ध्यान रखें कि यह स्वास्थ्य सुविधा वृद्धावस्था पेंशन से अलग है।
वरिष्ठ नागरिक, विधवाएं, दिव्यांगजन और अन्य सामाजिक सहायता की जरूरत वाले परिवार हमारी केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की सूची में उपलब्ध अन्य राष्ट्रीय योजनाओं की जानकारी भी देख सकते हैं।
अक्टूबर 2026 के फैसले के बाद किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?
- दिव्यांग पेंशन के नए दिशा-निर्देश: मंत्रालय को दिव्यांग पेंशन की संशोधित व्यवस्था के लिए 14 अक्टूबर 2026 से तीन महीने के भीतर दिशा-निर्देश जारी करके उन्हें लागू करना है। इस समयसीमा के अनुसार, यह प्रक्रिया जनवरी 2027 के मध्य तक पूरी हो सकती है।
- नई पात्रता श्रेणी: नए दिशा-निर्देश जारी होने के बाद राज्य सरकारें 40% से 79% तक दिव्यांगता वाले लोगों और बच्चों से आवेदन लेना शुरू कर सकती हैं। इसलिए पात्र व्यक्ति अभी से दिव्यांगता प्रमाणपत्र या विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (UDID Card) बनवाने की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
- अन्नपूर्णा योजना: केंद्रीय मंत्रिमंडल की घोषणा में इस योजना का उल्लेख नहीं है। इसलिए इसकी मौजूदा स्थिति की जानकारी स्थानीय सरकारी कार्यालय से प्राप्त करना उचित होगा।
- नई जानकारी कहां मिलेगी: कार्यक्रम से संबंधित अपडेट के लिए NSAP पोर्टल और ग्रामीण विकास मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें।
पात्र लाभार्थियों को मिलने वाले लाभ
प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना के तहत अलग-अलग उप-योजनाओं के माध्यम से पात्र लोगों को आर्थिक सहायता दी जाती है। केंद्र सरकार प्रत्येक योजना के अंतर्गत निर्धारित राशि देती है, जबकि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपने स्तर पर अतिरिक्त सहायता भी दे सकते हैं। नीचे प्रत्येक उप-योजना के तहत मिलने वाले लाभों की जानकारी दी गई है।
प्रत्येक उप-योजना के तहत केंद्र सरकार की सहायता
| उप-योजना | केंद्र सरकार से मिलने वाली सहायता |
|---|---|
| प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना | 60 से 79 वर्ष की आयु के लाभार्थियों को 200 रुपये प्रतिमाह और 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों को 500 रुपये प्रतिमाह |
| प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना | 40 से 79 वर्ष की आयु की लाभार्थियों को 300 रुपये प्रतिमाह और 80 वर्ष या उससे अधिक आयु की लाभार्थियों को 500 रुपये प्रतिमाह |
| प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना | 0 से 79 वर्ष की आयु के लाभार्थियों को 375 रुपये प्रतिमाह और 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों को 625 रुपये प्रतिमाह |
| प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना | पात्र परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु होने पर एक बार में 20,000 रुपये |
लाभार्थियों को मिलने वाली अतिरिक्त सुविधाएं
- केंद्र सरकार प्रत्येक उप-योजना के तहत निर्धारित सहायता देती है। राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इसके अतिरिक्त आर्थिक सहायता दे सकते हैं।
- राज्य सरकारों की योजनाओं और नियमों के अनुसार पेंशन में 50 रुपये से 5,700 रुपये प्रतिमाह तक की अतिरिक्त राशि मिल सकती है।
- कई राज्यों में केंद्र और राज्य सरकार की सहायता मिलाकर कुल मासिक पेंशन लगभग 1,100 रुपये हो जाती है।
- निर्धारित सहायता पाने के लिए लाभार्थियों को कोई प्रीमियम या अंशदान नहीं देना पड़ता।
- जहां यह व्यवस्था लागू है, वहां प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक या डाकघर खाते में भेजी जाती है।
- उपलब्ध सुविधा के अनुसार पेंशन पाने वाले लोग मोबाइल ऐप से अपना वार्षिक जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं।
- उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 3.20 करोड़ लाभार्थियों को इस कार्यक्रम से लाभ मिलने की उम्मीद है।
दिव्यांग पेंशन में किए गए प्रमुख बदलाव
- बताए गए संशोधित प्रावधानों के अनुसार, मासिक पेंशन की राशि 300 और 500 रुपये से बढ़ाकर क्रमशः 375 और 625 रुपये कर दी गई है।
- दिव्यांगता की निर्धारित सीमा 80% से घटाकर 40% कर दी गई है।
- न्यूनतम आयु की शर्त हटा दी गई है। इसके बाद लागू नियमों के तहत पात्र दिव्यांग व्यक्ति जन्म से ही इस लाभ के लिए पात्र हो सकते हैं।
पात्रता की शर्तें
प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना के अंतर्गत अलग-अलग वर्गों के लोगों को विभिन्न उप-योजनाओं के माध्यम से सहायता दी जाती है। हर उप-योजना की पात्रता शर्तें अलग हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले अपनी स्थिति के अनुसार सही योजना चुनें और उसकी सभी शर्तों की जांच कर लें।
सभी उप-योजनाओं के लिए सामान्य शर्तें
- आवेदक ऐसे गरीबी रेखा से नीचे (BPL) वाले परिवार से संबंधित होना चाहिए, जिसकी स्थिति को केंद्र सरकार तथा संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के नियमों के अनुसार मान्यता मिली हो।
- आवेदक भारत का नागरिक हो और जिस राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में आवेदन कर रहा है, वहां निवास करता हो।
- आवेदक को संबंधित उप-योजना की निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।
प्रत्येक उप-योजना के लिए पात्रता
| उप-योजना | कौन आवेदन कर सकता है? |
|---|---|
| प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना | 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के पुरुष और महिलाएं |
| प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना | 40 वर्ष या उससे अधिक आयु की ऐसी विधवाएं, जिन्होंने दोबारा विवाह नहीं किया है |
| प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना | 40% या उससे अधिक निर्धारित दिव्यांगता वाले व्यक्ति। लागू योजना के नियमों के अनुसार न्यूनतम आयु की शर्त नहीं है। |
| प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना | ऐसे पात्र BPL परिवार, जिनके मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु 18 से 59 वर्ष की आयु के बीच हुई हो |
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और परिवार को आर्थिक सहायता देने वाली योजनाओं में पात्रता की मौजूदा शर्तें जारी रहेंगी। दिव्यांग पेंशन के संशोधित नियमों के तहत BPL की शर्त किस तरह लागू होगी, इसकी पुष्टि के लिए आवेदकों को मंत्रालय के लागू दिशा-निर्देश देखने चाहिए।
आवेदन के साथ जमा किए जाने वाले दस्तावेज
प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना के तहत आवेदन करने से पहले अपनी स्थिति के अनुसार संबंधित उप-योजना चुनें। प्रत्येक योजना में कुछ अलग दस्तावेज मांगे जा सकते हैं, जबकि कुछ दस्तावेज सभी आवेदकों के लिए सामान्य होते हैं। आवेदन में देरी से बचने के लिए जरूरी कागजात पहले से तैयार रखें।
सभी उप-योजनाओं के लिए सामान्य दस्तावेज
- आधार कार्ड
- BPL कार्ड या गरीबी रेखा से नीचे होने का अन्य मान्य प्रमाण
- संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में निवास का प्रमाण
- बैंक या डाकघर की पासबुक, जिसमें खाता संख्या और IFSC कोड दर्ज हो
- हाल ही में खिंचवाई गई पासपोर्ट आकार की फोटो
- आवेदन से संबंधित सूचना प्राप्त करने के लिए मोबाइल नंबर
प्रत्येक उप-योजना के लिए अतिरिक्त दस्तावेज
| उप-योजना | जरूरी अतिरिक्त दस्तावेज |
|---|---|
| प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना | आयु का प्रमाण, जैसे जन्म प्रमाणपत्र, स्कूल प्रमाणपत्र या मतदाता पहचान पत्र |
| प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना | पति का मृत्यु प्रमाणपत्र और आवेदिका की आयु का प्रमाण |
| प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना | कम से कम 40% दिव्यांगता दर्शाने वाला दिव्यांगता प्रमाणपत्र या विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (UDID Card) |
| प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना | परिवार के मुख्य कमाने वाले मृत सदस्य का मृत्यु प्रमाणपत्र और उसकी आयु का प्रमाण |
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कैसे करें?
प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना के तहत अलग-अलग वर्गों के लिए अलग उप-योजनाएं हैं। आपको अपनी स्थिति के अनुसार संबंधित योजना में आवेदन करना होगा। इसके बाद राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के संबंधित अधिकारी आपके विवरण और दस्तावेजों की जांच करेंगे। पात्रता की पुष्टि होने पर ही सहायता देने का निर्णय लिया जाएगा।
आवेदन की प्रक्रिया को मुख्य रूप से तीन हिस्सों में समझ सकते हैं। सबसे पहले अपनी जरूरत के अनुसार सही उप-योजना चुनें। इसके बाद जरूरी दस्तावेज तैयार करें और फिर उपलब्ध ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से आवेदन जमा करें।
भाग 1: अपने लिए सही उप-योजना चुनें
| आपकी स्थिति | किस योजना के लिए आवेदन करें? | हमारी मार्गदर्शिका पढ़ें |
|---|---|---|
| आपकी आयु 60 वर्ष या उससे अधिक है | प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना | वृद्धावस्था पेंशन की पूरी जानकारी |
| आप विधवा हैं और आपकी आयु 40 वर्ष या उससे अधिक है | प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना | विधवा पेंशन की पूरी जानकारी |
| आप या आपका बच्चा 40% या उससे अधिक दिव्यांगता से प्रभावित है | प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना | दिव्यांगजन पेंशन की पूरी जानकारी |
| आपके परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु हो गई है | प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना | परिवार लाभ योजना की पूरी जानकारी |
अपनी परिस्थिति के अनुसार योजना चुनने के बाद उसकी पात्रता शर्तों को ध्यान से पढ़ें। हर उप-योजना की आवश्यकताएं अलग हैं, इसलिए सही योजना का चुनाव करना जरूरी है।
भाग 2: जरूरी दस्तावेज तैयार करें
आवेदन शुरू करने से पहले सभी दस्तावेज इकट्ठा कर लें। ऐसा करने से आवेदन पत्र भरते समय आपको बीच में रुककर किसी कागजात को ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
चरण 1: अपना आधार कार्ड और BPL स्थिति का प्रमाण तैयार रखें।
चरण 2: निवास प्रमाणपत्र और बैंक या डाकघर की ऐसी पासबुक रखें, जिसमें आपके खाते की जानकारी दर्ज हो।
चरण 3: अपनी उप-योजना के अनुसार जरूरी अतिरिक्त दस्तावेज भी इकट्ठा करें। इनमें आयु का प्रमाण, पति का मृत्यु प्रमाणपत्र, दिव्यांगता प्रमाणपत्र या परिवार के मुख्य कमाने वाले मृत सदस्य का मृत्यु प्रमाणपत्र शामिल हो सकता है।
चरण 4: हाल ही में खिंचवाई गई पासपोर्ट आकार की फोटो और अपना मोबाइल नंबर तैयार रखें। यदि आप कार्यालय जाकर आवेदन करेंगे, तो जरूरी दस्तावेजों की छायाप्रतियां भी बनवा लें।
भाग 3: आवेदन जमा करने का माध्यम चुनें
यदि आपके पास स्मार्टफोन है
आप उमंग मोबाइल ऐप पर देख सकते हैं कि आपकी उप-योजना के लिए आवेदन की सुविधा उपलब्ध है या नहीं। इसके लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें।
चरण 1: यदि आप एंड्रॉयड फोन इस्तेमाल करते हैं, तो गूगल प्ले स्टोर से उमंग ऐप इंस्टॉल करें। आईफोन इस्तेमाल करने वाले लोग इसे एप्पल ऐप स्टोर से प्राप्त कर सकते हैं।
चरण 2: ऐप खोलें और अपने मोबाइल नंबर से पंजीकरण करें। इसके बाद आपके फोन पर भेजा गया ओटीपी दर्ज करके प्रक्रिया पूरी करें।
चरण 3: खोज वाले विकल्प में अपनी उप-योजना का नाम लिखें। यदि नए नाम से योजना नहीं मिलती, तो उसके पहले से प्रचलित नाम से भी खोजकर देखें।
चरण 4: यदि आवेदन की सुविधा उपलब्ध है, तो संबंधित सेवा खोलें, अपना राज्य चुनें और मांगी गई जानकारी भरें।
चरण 5: जरूरी दस्तावेजों की साफ तस्वीरें अपलोड करें। भरी गई जानकारी जांचने के बाद आवेदन जमा कर दें।
चरण 6: यदि ऐप आवेदन संख्या या पावती देता है, तो उसे सुरक्षित रख लें। भविष्य में आवेदन की स्थिति जानने के लिए इसकी जरूरत पड़ सकती है।
यदि आप कंप्यूटर या साइबर कैफे का इस्तेमाल करते हैं
आप उमंग की वेबसाइट पर जाकर भी संबंधित सेवा खोज सकते हैं। नीचे दिए गए चरणों से पता करें कि आपकी उप-योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं या नहीं।
चरण 1: उमंग की आधिकारिक वेबसाइट खोलें और अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर की सहायता से लॉगिन करें।
चरण 2: अपनी उप-योजना का नाम खोजें। यदि वह सूची में दिखाई देती है, तो उससे संबंधित सेवा खोलें।
चरण 3: यदि आवेदन की सुविधा उपलब्ध है, तो फॉर्म भरें और जरूरी दस्तावेजों की स्कैन की गई प्रतियां अपलोड करें।
चरण 4: फॉर्म जमा करने से पहले सभी जानकारियां जांच लें। आवेदन जमा होने के बाद आवेदन संख्या या पावती का विवरण सुरक्षित रख लें।
यदि आपके राज्य का अपना पेंशन पोर्टल है
कुछ राज्य अपनी पेंशन या सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए अलग पोर्टल चलाते हैं। सही वेबसाइट की जानकारी लेने के लिए आप अपने जिला समाज कल्याण कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
चरण 1: सही आवेदन पोर्टल का पता लगाने के लिए जिला समाज कल्याण कार्यालय से संपर्क करें या राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
चरण 2: उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा पेंशन पोर्टल और बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन पोर्टल उपलब्ध है।
चरण 3: अपने राज्य का संबंधित पोर्टल खोलें और जांचें कि आपकी उप-योजना के लिए आवेदन करने की सुविधा उपलब्ध है या नहीं।
चरण 4: यदि आवेदन की सुविधा मिलती है, तो पंजीकरण करें या लॉगिन करें। इसके बाद संबंधित योजना चुनें और मांगी गई जानकारी भरें।
चरण 5: जरूरी दस्तावेज अपलोड करके आवेदन जमा करें। यदि पोर्टल पावती या आवेदन संख्या देता है, तो उसे भविष्य के लिए सुरक्षित रख लें।
यदि आप सरकारी कार्यालय जाकर आवेदन करना चाहते हैं
यदि आप ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते, तो नजदीकी सरकारी कार्यालय से मदद ले सकते हैं। आवेदन स्वीकार करने वाला कार्यालय आपके राज्य और संबंधित उप-योजना के अनुसार अलग हो सकता है।
चरण 1: आवेदन कहां जमा करना है, इसकी जानकारी लेने के लिए अपनी ग्राम पंचायत, नगर निकाय कार्यालय, खंड विकास कार्यालय या जिला समाज कल्याण कार्यालय जाएं।
चरण 2: प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना के अंतर्गत आने वाली संबंधित उप-योजना का आवेदन पत्र मांगें।
चरण 3: नीले या काले पेन से फॉर्म ध्यानपूर्वक भरें और जरूरी दस्तावेजों की छायाप्रतियां उसके साथ लगाएं।
चरण 4: भरा हुआ फॉर्म संबंधित अधिकारी को जमा करें। जमा करने के प्रमाण के रूप में रसीद या पावती जरूर मांगें और उसे अपने पास सुरक्षित रखें।
यदि आपको आवेदन करने के लिए किसी दूसरे व्यक्ति की मदद चाहिए
यदि आप स्वयं ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते, तो परिवार के किसी भरोसेमंद सदस्य की मदद ले सकते हैं। इसके अलावा, नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर पता कर सकते हैं कि वहां आपकी उप-योजना के लिए आवेदन भरने में सहायता मिलती है या नहीं।
चरण 1: नजदीकी CSC पर जाकर पूछें कि वहां संबंधित योजना के लिए आवेदन करने में मदद मिल सकती है या नहीं।
चरण 2: सभी जरूरी दस्तावेज साथ लेकर जाएं। यदि आवेदन के दौरान ओटीपी सत्यापन की जरूरत पड़े, तो अपना मोबाइल फोन भी अपने पास रखें।
चरण 3: फॉर्म जमा करने से पहले ऑपरेटर द्वारा भरी गई जानकारी को ध्यान से जांच लें।
चरण 4: यदि आवेदन की रसीद या पावती संख्या मिलती है, तो उसे ले लें और भविष्य में काम आने के लिए सुरक्षित रखें।
आवेदन जमा करने के बाद क्या होगा?
केवल आवेदन जमा करने से योजना का लाभ मिलना तय नहीं हो जाता। संबंधित अधिकारी पहले आपके विवरण और दस्तावेजों की जांच करते हैं। इसके बाद यह तय किया जाता है कि आप योजना की निर्धारित शर्तें पूरी करते हैं या नहीं।
चरण 1: संबंधित अधिकारी आवेदन के अनुसार जरूरी जानकारियों की जांच करेंगे। इसमें आपकी आयु, दिव्यांगता की स्थिति, मृत व्यक्ति का विवरण या परिवार की BPL स्थिति शामिल हो सकती है।
चरण 2: सक्षम अधिकारी आवेदन की समीक्षा करेंगे और लागू नियमों के अनुसार उसे मंजूरी देने या अस्वीकार करने का निर्णय लेंगे।
चरण 3: आवेदन मंजूर होने पर संबंधित उप-योजना के नियमों के अनुसार सहायता दी जाएगी। पेंशन और परिवार को एकमुश्त आर्थिक सहायता देने की प्रक्रियाएं अलग-अलग हो सकती हैं।
चरण 4: कार्यक्रम से संबंधित सामान्य जानकारी के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय के आधिकारिक सामाजिक सहायता पोर्टल पर जाएं।
पेंशन जारी रखने के लिए इन बातों का ध्यान रखें
- यदि आपकी पेंशन योजना में हर साल जीवन प्रमाणपत्र जमा करना जरूरी है, तो इसे समय पर जमा करें। पता करें कि क्या आप आधार आधारित मोबाइल सेवा से यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं, ताकि कार्यालय जाने की जरूरत न पड़े।
- अपना बैंक खाता सक्रिय रखें और खाते की जानकारी सही होने की जांच करें। इससे पेंशन भुगतान में आने वाली परेशानियों से बचने में मदद मिल सकती है।
- यदि आपको पहले से पेंशन मिल रही है, तो योजना का नाम बदलने के बाद कोई कदम उठाने से पहले आधिकारिक निर्देश पढ़ें। यह न मानें कि नाम बदलने के कारण प्रत्येक लाभार्थी को नए सिरे से आवेदन करना होगा।
- अन्नपूर्णा योजना के तहत वृद्धावस्था पेंशन के लिए पात्र, लेकिन पेंशन न पाने वाले पात्र वरिष्ठ नागरिकों को हर महीने 10 किलोग्राम मुफ्त खाद्यान्न दिया जाता है। इस योजना की मौजूदा स्थिति और आवेदन प्रक्रिया जानने के लिए स्थानीय सरकारी कार्यालय से संपर्क करें।
- दिव्यांग पेंशन के संशोधित नियमों के तहत 40% दिव्यांगता वाली श्रेणी के आवेदन आपके राज्य में कब से स्वीकार होंगे, इसकी जानकारी मंत्रालय के नवीनतम दिशा-निर्देशों से प्राप्त करें। घोषित बदलावों की जानकारी के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की घोषणा भी पढ़ सकते हैं।
कार्यक्रम के पांच घटकों से जुड़े आंकड़े
| घटक | लाभार्थियों की संख्या | वर्ष 2025-26 का बजट | वर्ष 2024-25 में राज्यों को जारी राशि |
|---|---|---|---|
| वृद्धावस्था पेंशन (अब वृद्धावस्था पेंशन योजना) | 221 लाख | 6,645.90 करोड़ रुपये | 6,843.92 करोड़ रुपये |
| विधवा पेंशन (अब विधवा पेंशन योजना) | 67 लाख | 2,026.99 करोड़ रुपये | 2,150.03 करोड़ रुपये |
| दिव्यांग पेंशन (अब दिव्यांगजन पेंशन योजना) | 8.33 लाख | 290 करोड़ रुपये | 243.74 करोड़ रुपये |
| परिवार को आर्थिक सहायता (अब परिवार लाभ योजना) | 3.5 लाख | 659 करोड़ रुपये | 394.19 करोड़ रुपये |
| अन्नपूर्णा योजना | 8.31 लाख | 10 करोड़ रुपये | उल्लेख नहीं किया गया |
| कार्यक्रम का कुल बजट | 9,652 करोड़ रुपये, जिसमें प्रबंधन प्रकोष्ठ के लिए 20.11 करोड़ रुपये शामिल हैं | ||
- वृद्धावस्था पेंशन के लिए सबसे अधिक बजट: कुल बजट का लगभग 69% हिस्सा वृद्धावस्था पेंशन के लिए निर्धारित है। वृद्धावस्था और विधवा पेंशन को मिलाकर कुल बजट का लगभग 90% हिस्सा इन दोनों घटकों पर खर्च होता है।
- डिजिटल भुगतान: सहायता राशि के लगभग 94% भुगतान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से किए जाते हैं।
- आधार से जुड़ाव: 2.5 करोड़ से अधिक लाभार्थियों ने अपने खातों को आधार से जोड़ लिया है।
- दिव्यांग पेंशन: तीनों पेंशन योजनाओं में इस योजना के लाभार्थियों की संख्या सबसे कम है। संशोधित दिशा-निर्देश लागू होने के बाद दिव्यांगता की सीमा 40% होने से पात्र लाभार्थियों की संख्या में बदलाव हो सकता है।
योजना के महत्वपूर्ण लिंक
- प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना का आधिकारिक पोर्टल
- NSAP और इसकी उप-योजनाओं के नाम बदलने से संबंधित केंद्रीय मंत्रिमंडल का निर्णय, PIB
- राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के घटक, बजट और लाभार्थियों की जानकारी, PIB (PDF)
- सामाजिक सुरक्षा सेवाओं के लिए उमंग वेबसाइट
- एप्पल ऐप स्टोर पर उमंग ऐप
- गूगल प्ले स्टोर पर उमंग ऐप
- ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार
सहायता की जरूरत होने पर संपर्क विवरण
- केंद्रीय मंत्रालय: ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय, कृषि भवन, नई दिल्ली – 110001
- उमंग हेल्पलाइन: 1800-11-5246 (उमंग पर आवेदन करने से संबंधित सहायता के लिए)
- उमंग ईमेल: customercare@umang.gov.in
- राज्य स्तर: अपने राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के नोडल सचिव तथा समाज कल्याण या सामाजिक न्याय विभाग से संपर्क करें।
- जिला स्तर: जिला समाज कल्याण अधिकारी
- स्थानीय स्तर: खंड विकास कार्यालय, ग्राम पंचायत या नगर निकाय कार्यालय
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
उत्तर: प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना एक व्यापक सामाजिक सहायता कार्यक्रम है, जिसके तहत पात्र गरीब परिवारों को पेंशन और पारिवारिक सहायता के माध्यम से आर्थिक मदद दी जाती है।
उत्तर: नहीं। यह कार्यक्रम 15 अगस्त 1995 को शुरू हुआ था। अब सरकार ने इसे नया नाम दिया है और अगले पाँच वर्षों तक इसे जारी रखने की मंजूरी दी है।
उत्तर: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 अक्टूबर 2026 को योजना के नए नाम को मंजूरी दी।
उत्तर: मंत्रिमंडल ने पाँच वर्षों के लिए ₹53,428 करोड़ के बजट को मंजूरी दी है। यह बजट वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक की अवधि के लिए है।
उत्तर: देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 3.20 करोड़ लाभार्थियों को इस कार्यक्रम का लाभ मिलने की उम्मीद है।
उत्तर: उप-योजनाओं के नाम इस प्रकार हैं:
– वृद्धावस्था पेंशन के लिए प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना।
– विधवा पेंशन के लिए प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना।
– दिव्यांग पेंशन के लिए प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना।
– परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु के बाद आर्थिक सहायता के लिए प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना।
उत्तर: ग्रामीण विकास मंत्रालय का ग्रामीण विकास विभाग इस कार्यक्रम को लागू करता है। इसके लिए राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें भी सहयोग करती हैं।
उत्तर: दी गई जानकारी के अनुसार, दिव्यांग पेंशन के नियमों में बदलाव किए गए हैं। इसके तहत मासिक सहायता राशि ₹375 और ₹625 निर्धारित की गई है, दिव्यांगता की न्यूनतम सीमा 80% से घटाकर 40% की गई है और न्यूनतम आयु की शर्त हटा दी गई है।
उत्तर: दी गई जानकारी के अनुसार, इन तीनों उप-योजनाओं के तहत पहले से लागू सहायता राशि और पात्रता की शर्तें जारी रहेंगी।
उत्तर: मौजूदा लाभार्थियों को संबंधित अधिकारियों द्वारा जारी आधिकारिक निर्देशों का पालन करना चाहिए। केवल योजना का नाम बदलने से यह तय नहीं होता कि लाभार्थी को नया आवेदन देना होगा।
उत्तर: इस कार्यक्रम की उप-योजनाओं का लाभ सामान्यतः गरीबी रेखा से नीचे (BPL) रहने वाले पात्र परिवारों को दिया जाता है। हालांकि, आवेदकों को अपनी संबंधित उप-योजना की शर्तें जांचनी चाहिए। दिव्यांग पेंशन के लिए नए नियमों के तहत लागू बीपीएल संबंधी शर्तों की भी पुष्टि करनी चाहिए।
उत्तर: हाँ। राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपने नियमों के अनुसार केंद्रीय पेंशन राशि के अतिरिक्त सहायता दे सकते हैं। दी गई जानकारी में अलग-अलग राज्यों की ओर से ₹50 से ₹5,700 प्रतिमाह तक अतिरिक्त सहायता और कई राज्यों में लगभग ₹1,100 की औसत मासिक पेंशन का उल्लेख है।
उत्तर: अन्नपूर्णा योजना के तहत ऐसे पात्र वरिष्ठ नागरिकों को हर महीने 10 किलोग्राम खाद्यान्न मुफ्त दिया जाता है, जो वृद्धावस्था पेंशन की पात्रता रखते हैं, लेकिन उन्हें पेंशन नहीं मिलती। योजना की वर्तमान स्थिति और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी के लिए स्थानीय सरकारी कार्यालय से संपर्क करें।
उत्तर: सबसे पहले अपनी स्थिति के अनुसार सही उप-योजना चुनें। इसके बाद जांचें कि आवेदन उमंग (UMANG) पोर्टल या अपने राज्य के पेंशन पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है या नहीं। आवेदन में सहायता के लिए ग्राम पंचायत, ब्लॉक कार्यालय, नगर निकाय कार्यालय या जिला समाज कल्याण कार्यालय से भी संपर्क कर सकते हैं।
उत्तर: पात्र लाभार्थियों को सामान्यतः प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से पेंशन की राशि उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। हालांकि, भुगतान का तरीका संबंधित योजना और सरकारी प्रक्रिया के अनुसार अलग हो सकता है।
उत्तर: जहां यह सुविधा उपलब्ध है, वहां पेंशनधारक आधार-आधारित मोबाइल सेवा के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं। उन्हें अपनी पेंशन योजना के आधिकारिक निर्देशों से यह पुष्टि कर लेनी चाहिए कि कौन-सा तरीका मान्य है।
उत्तर: योजना से जुड़ी उपलब्ध जानकारी और नवीनतम अपडेट के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय के आधिकारिक सामाजिक सहायता पोर्टल पर जाएं।

तबस्सुम पिछले 5 वर्षों से केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर शोध और लेखन कार्य कर रही हैं। अब तक कृषि, महिला कल्याण, शिक्षा और आवास जैसे क्षेत्रों की 500 से अधिक योजनाओं की जानकारी सरल हिंदी भाषा में प्रदान की है, ताकि हर पात्र नागरिक अपने अधिकारों को समझ सके और योजनाओं का लाभ उठा सके।
