प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना

प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवनयापन करने वाले पात्र परिवारों को परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु होने पर एकमुश्त 20,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके लिए मृतक की आयु मृत्यु के समय 18 से 59 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इस योजना को लागू करने की जिम्मेदारी ग्रामीण विकास विभाग की है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 अक्टूबर 2026 को योजना का नाम बदलने की मंजूरी दी, लेकिन सहायता राशि और पात्रता की मौजूदा शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया।

प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना की मुख्य जानकारी
योजना का नामप्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना
पुराना नामराष्ट्रीय परिवार लाभ योजना
मूल कार्यक्रमप्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना
मूल कार्यक्रम की शुरुआत15 अगस्त 1995
नाम बदलने की तारीख14 अक्टूबर 2026
मंजूरी देने वाला प्राधिकरणप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल
कार्यान्वयन विभागग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय
मूल कार्यक्रम का कुल बजटवर्ष 2026-27 से 2030-31 तक 53,428 करोड़ रुपये
आर्थिक सहायताएकमुश्त 20,000 रुपये
सहायता मिलने का कारणपरिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु
मृतक की निर्धारित आयुमृत्यु के समय 18 से 59 वर्ष
परिवार के लिए आवश्यक शर्तगरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवनयापन करने वाला परिवार
सहायता पाने वाला व्यक्तिपरिवार का जीवित मुखिया
लाभ पाने वाले परिवारलगभग 3.5 लाख परिवार
भुगतान का तरीकालाभार्थी के बैंक या डाकघर खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT)
आवेदन का तरीकासेवा उपलब्ध होने के अनुसार उमंग, राज्य सरकार के पोर्टल या स्थानीय सरकारी कार्यालय के माध्यम से
आधिकारिक पोर्टलआधिकारिक सामाजिक सहायता पोर्टल

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प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना का परिचय: एक संक्षिप्त जानकारी

किसी गरीब परिवार में जब मुख्य कमाने वाले सदस्य की अचानक मृत्यु हो जाती है, तो परिवार के सामने कई तरह की आर्थिक परेशानियां खड़ी हो सकती हैं। अंतिम संस्कार का खर्च उठाना, कर्ज चुकाना और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो जाता है। अगर परिवार के पास बचत या कमाई का कोई दूसरा साधन नहीं है, तो घर का खर्च चलाना और भी कठिन हो सकता है। ऐसी स्थिति में प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना पात्र परिवारों को एकमुश्त आर्थिक सहायता देकर मुश्किल समय में सहारा देती है।

इस योजना की शुरुआत राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना के नाम से हुई थी। यह 15 अगस्त 1995 को शुरू किए गए राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम की शुरुआती योजनाओं में से एक थी। 14 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसका नाम बदलने की मंजूरी दी। हालांकि, योजना पहले की तरह ही जारी रहेगी।

अब यह योजना प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना के अंतर्गत एक उप-योजना के रूप में संचालित होती है। इस मूल कार्यक्रम को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 53,428 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है।

ग्रामीण विकास मंत्रालय के ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारें इस योजना को लागू करती हैं। इसका मुख्य उद्देश्य परिवार के कमाने वाले सदस्य की मृत्यु के बाद गरीब परिवारों को तुरंत आर्थिक राहत देना है, ताकि कमाई का सहारा छिनने से परिवार की आर्थिक स्थिति और खराब न हो तथा उन्हें गरीबी से बाहर निकलने में और अधिक कठिनाई का सामना न करना पड़े।

इस योजना के तहत पात्र परिवार को 20,000 रुपये की एकमुश्त सहायता मिलती है। परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु प्राकृतिक कारणों से हुई हो या किसी दुर्घटना में, दोनों ही स्थितियों में सहायता मिल सकती है। संबंधित अधिकारी पात्रता की जांच करने के बाद यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से परिवार के जीवित मुखिया के बैंक या डाकघर खाते में भेजते हैं। योजना के अंतर्गत लगभग 3.5 लाख परिवारों को सहायता दी जाती है। इसके अलावा, राज्य सरकारें अपने नियमों के अनुसार अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी दे सकती हैं।

इस योजना का लाभ लेने के लिए परिवार का गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवनयापन करना जरूरी है। साथ ही, परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु के समय उसकी आयु 18 से 59 वर्ष के बीच होनी चाहिए। परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य पुरुष, महिला या गृहिणी भी हो सकती है। यदि परिवार BPL की शर्त पूरी नहीं करता या मृतक की आयु मृत्यु के समय 60 वर्ष या उससे अधिक थी, तो ऐसे मामले इस योजना के दायरे में नहीं आते।

पात्र परिवार अपने राज्य में उपलब्ध सेवाओं के अनुसार उमंग या राज्य सरकार के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन के विकल्प देख सकते हैं। इसके अलावा, वे ग्राम पंचायत, ब्लॉक कार्यालय, नगर निकाय कार्यालय या जिला समाज कल्याण कार्यालय में जाकर भी आवेदन करने में मदद ले सकते हैं। आवेदन के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र एक जरूरी दस्तावेज है। यदि आवेदन प्रक्रिया में कोई परेशानी आती है, तो परिवार अपने स्थानीय ब्लॉक या जिला कार्यालय से संपर्क कर सकता है।

जिन विधवाओं को नियमित आर्थिक सहायता की जरूरत है, वे प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना के तहत मिलने वाली मासिक पेंशन की जानकारी भी प्राप्त कर सकती हैं। वहीं, कम खर्च में जीवन बीमा सुरक्षा पाने के इच्छुक परिवार प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के बारे में भी जान सकते हैं।

मृतक के परिवार, उनकी देखभाल करने वाले लोगों और अन्य सामाजिक सुरक्षा या कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी चाहने वाले नागरिक हमारी केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की सूची देख सकते हैं।

अक्टूबर 2026 में नाम बदलने से प्रभावित परिवारों के लिए क्या बदला?

  • 14 अक्टूबर 2026: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना करने की मंजूरी दी।
  • परिवारों के लिए लाभ पहले जैसा: योजना की मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी। इसलिए 20,000 रुपये की सहायता राशि और पात्रता की शर्तों में बदलाव नहीं हुआ है।
  • बड़े कार्यक्रम का हिस्सा: प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 53,428 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस कार्यक्रम के तहत लगभग 3.20 करोड़ लाभार्थियों को शामिल किया गया है।
  • नए नियमों का इंतजार नहीं: दिव्यांगजन पेंशन की तरह इस योजना में पात्रता के नए नियमों की प्रतीक्षा नहीं करनी है। पात्र परिवार पहले से लागू प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।

पात्र लाभार्थियों को मिलने वाले लाभ

परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार का खर्च उठाना और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना कठिन हो सकता है। प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना ऐसे समय में पात्र BPL परिवारों को एकमुश्त आर्थिक सहायता देती है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी से निपटने में मदद मिल सके।

  • पात्र BPL परिवार को एकमुश्त 20,000 रुपये की आर्थिक सहायता।
  • राशि मासिक पेंशन के रूप में नहीं, बल्कि एक बार में दी जाती है।
  • मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु प्राकृतिक कारणों से हुई हो या दुर्घटना में, दोनों स्थितियों में सहायता का प्रावधान है।
  • परिवार के मुख्य कमाने वाले पुरुष, महिला या गृहिणी की मृत्यु होने पर पात्रता के अनुसार सहायता मिल सकती है।
  • आर्थिक सहायता परिवार के जीवित मुखिया को दी जाती है।
  • राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से लाभार्थी के बैंक या डाकघर खाते में भेजी जाती है।
  • राज्य या केंद्रशासित प्रदेश के नियमों के अनुसार अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी मिल सकती है।
  • योजना का नाम बदलने के बाद भी सहायता राशि और पात्रता की शर्तें पहले जैसी हैं।
  • योजना के तहत अब तक लगभग 3.5 लाख परिवारों को सहायता दी गई है।

पात्रता की शर्तें

प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना के तहत परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु होने पर पात्र गरीब परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाती है। इस लाभ के लिए आवेदक के परिवार को नीचे दी गई शर्तें पूरी करनी होंगी।

  • परिवार संबंधित राज्य या केंद्रशासित प्रदेश द्वारा मान्यता प्राप्त गरीबी रेखा से नीचे (BPL) श्रेणी में होना चाहिए।
  • मृतक व्यक्ति परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य होना चाहिए।
  • परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य पुरुष या महिला हो सकता है। इसमें ऐसी गृहिणी भी शामिल हो सकती है जिसे परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य माना गया हो।
  • मृत्यु के समय मुख्य कमाने वाले सदस्य की आयु 18 से 59 वर्ष होनी चाहिए, यानी उसकी आयु कम से कम 18 वर्ष हो, लेकिन 60 वर्ष पूरी न हुई हो।
  • योजना में प्राकृतिक कारणों या दुर्घटना से हुई मृत्यु के मामलों को शामिल किया जाता है।
  • संबंधित अधिकारियों द्वारा जांच और सत्यापन के बाद आर्थिक सहायता परिवार के जीवित मुखिया को दी जाती है।
  • जो परिवार BPL की शर्त पूरी नहीं करते, वे पात्र नहीं हैं। इसी तरह, मृत्यु के समय मुख्य कमाने वाले सदस्य की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होने पर भी योजना का लाभ नहीं मिलता।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना के लिए आवेदन करते समय परिवार को ऐसे दस्तावेज देने होते हैं, जिनसे मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु, उसकी आयु और परिवार की BPL स्थिति की पुष्टि हो सके। आमतौर पर नीचे दिए गए दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।

  • परिवार के मृतक मुख्य कमाने वाले सदस्य का मृत्यु प्रमाण पत्र।
  • मृतक की आयु का प्रमाण, जैसे जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल प्रमाण पत्र या मतदाता पहचान पत्र।
  • गरीबी रेखा से नीचे (BPL) होने का प्रमाण या BPL कार्ड।
  • आवेदन करने वाले परिवार के जीवित मुखिया का आधार कार्ड।
  • मृतक के साथ संबंध का प्रमाण, यदि संबंधित कार्यालय इसकी मांग करे।
  • संबंधित राज्य या केंद्रशासित प्रदेश में निवास का प्रमाण।
  • बैंक या डाकघर की पासबुक, जिसमें खाता संख्या और IFSC कोड दर्ज हो।
  • आवेदक की हाल ही में खिंचवाई गई पासपोर्ट आकार की फोटो।
  • आवेदन से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए मोबाइल नंबर।

योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन कैसे करें?

प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना के तहत परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु होने पर पात्र परिवार को एकमुश्त 20,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। परिवार का जीवित मुखिया आवेदन जमा कर सकता है। इसके बाद संबंधित राज्य या केंद्रशासित प्रदेश के अधिकारी आवेदन में दी गई जानकारी और दस्तावेजों की जांच करते हैं। पात्रता की शर्तें पूरी होने पर सहायता राशि मंजूर की जाती है।

आपके राज्य में उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर उमंग की वेबसाइट, उमंग मोबाइल ऐप या राज्य सरकार के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध न होने पर स्थानीय सरकारी कार्यालय में भी आवेदन जमा किया जा सकता है। नीचे अलग-अलग तरीकों से आवेदन करने की प्रक्रिया समझाई गई है।

पहला चरण: जरूरी दस्तावेज तैयार करें

आवेदन शुरू करने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज एक जगह रख लें। इससे फॉर्म भरते समय जानकारी जुटाने में परेशानी नहीं होगी और आवेदन की प्रक्रिया आसान रहेगी।

चरण 1: मृतक मुख्य कमाने वाले सदस्य का मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करें। इसके लिए संबंधित क्षेत्र के जन्म-मृत्यु पंजीयक, ग्राम पंचायत या नगर निकाय कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

चरण 2: मृतक की आयु का प्रमाण तैयार रखें। संबंधित अधिकारी द्वारा स्वीकार किए जाने वाले दस्तावेजों के अनुसार जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल प्रमाण पत्र या मतदाता पहचान पत्र इस्तेमाल किया जा सकता है।

चरण 3: अपना BPL प्रमाण, आधार कार्ड, बैंक या डाकघर की पासबुक और हाल ही में खिंचवाई गई फोटो तैयार रखें। यदि स्थानीय कार्यालय मृतक के साथ आपके संबंध का प्रमाण मांगता है, तो वह दस्तावेज भी साथ रखें।

तरीका 1: उमंग वेबसाइट से ऑनलाइन आवेदन करें

यदि आपके राज्य में यह सुविधा उपलब्ध है, तो आप उमंग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन का विकल्प देख सकते हैं।

चरण 1: अपने इंटरनेट ब्राउज़र में उमंग की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।

चरण 2: अपने मोबाइल नंबर से पंजीकरण करें। इसके बाद आपके मोबाइल पर भेजे गए OTP को दर्ज करके नंबर सत्यापित करें।

चरण 3: वेबसाइट पर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना या राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना खोजें। संभव है कि संबंधित सेवा अभी भी पुराने नाम या मौजूदा श्रेणी के अंतर्गत दिखाई दे।

चरण 4: अपना राज्य चुनें और देखें कि परिवार को आर्थिक सहायता देने वाली योजना के लिए आवेदन की सुविधा उपलब्ध है या नहीं।

चरण 5: मृतक मुख्य कमाने वाले सदस्य और सहायता के लिए आवेदन करने वाले परिवार के जीवित सदस्य की जानकारी भरें।

चरण 6: जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। सभी जानकारी ध्यान से जांचने के बाद आवेदन जमा कर दें।

चरण 7: आवेदन संख्या या पावती की जानकारी सुरक्षित रख लें, ताकि जरूरत पड़ने पर आवेदन का विवरण देखा जा सके।

तरीका 2: उमंग मोबाइल ऐप से आवेदन करें

यदि आप मोबाइल फोन से आवेदन करना चाहते हैं, तो उमंग ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, सबसे पहले यह जांच लें कि आपके राज्य में परिवार को आर्थिक सहायता देने वाली योजना की सेवा इस ऐप पर उपलब्ध है या नहीं।

चरण 1: एंड्राइड मोबाइल इस्तेमाल करने वाले लोग गूगल प्ले स्टोर से उमंग ऐप डाउनलोड करें। iPhone इस्तेमाल करने वाले लोग इसे एप्पल एप स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं।

चरण 2: ऐप इंस्टॉल करके खोलें, अपनी पसंद की भाषा चुनें और मोबाइल नंबर से पंजीकरण करें।

चरण 3: मोबाइल पर आए OTP से नंबर सत्यापित करें और परिवार को आर्थिक सहायता देने वाली योजना खोजें।

चरण 4: यदि आवेदन की सुविधा उपलब्ध है, तो मांगी गई जानकारी भरें और जरूरी दस्तावेजों की साफ तस्वीरें अपलोड करें।

चरण 5: फॉर्म जमा करने से पहले सभी जानकारियां दोबारा जांच लें। आवेदन जमा होने के बाद आवेदन संख्या या पावती की जानकारी भविष्य के लिए सुरक्षित रखें।

तरीका 3: राज्य सरकार के पोर्टल से आवेदन करें

कुछ राज्य सरकारें परिवार को आर्थिक सहायता देने वाली योजनाओं के आवेदन अपने सामाजिक कल्याण या सामाजिक सुरक्षा पोर्टल के माध्यम से स्वीकार करती हैं। अपने राज्य में ऑनलाइन आवेदन की सुविधा जांचने के लिए नीचे दिए गए चरण अपनाएं।

चरण 1: अपने राज्य सरकार के आधिकारिक सामाजिक कल्याण या सामाजिक सुरक्षा पोर्टल पर जाएं।

चरण 2: पोर्टल पर पंजीकरण करें या अपने खाते में प्रवेश करें। इसके बाद परिवार लाभ योजना या संबंधित आर्थिक सहायता सेवा खोजें।

चरण 3: आवेदन फॉर्म में मृतक की जानकारी भरें और मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें।

चरण 4: फॉर्म जमा कर दें। यदि पोर्टल आवेदन संख्या या पावती देता है, तो उसे सुरक्षित रख लें।

राज्यक्या जानना जरूरी है?
उत्तर प्रदेशउत्तर प्रदेश सरकार राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के लिए अलग पोर्टल चलाती है। आवेदन करने के निर्देश जानने के लिए राज्य सरकार के संबंधित आधिकारिक पोर्टल पर जाएं।
अन्य राज्यअपने राज्य में परिवार को आर्थिक सहायता देने वाली योजना के आवेदन के लिए उपलब्ध आधिकारिक पोर्टल या सरकारी कार्यालय की जानकारी लेने के लिए जिला समाज कल्याण कार्यालय से संपर्क करें।

तरीका 4: स्थानीय सरकारी कार्यालय में जाकर आवेदन करें

यदि आप ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पा रहे हैं या किसी पोर्टल पर योजना का विकल्प नहीं मिल रहा है, तो नजदीकी सरकारी कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकते हैं। वहां मौजूद कर्मचारी आपको आवेदन फॉर्म भरने और जरूरी दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया समझा सकते हैं।

चरण 1: यदि आप गांव में रहते हैं, तो अपनी ग्राम पंचायत में जाएं। कस्बे या शहर में रहने वाले लोग नगर निकाय कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

चरण 2: आवेदन जमा करने वाले संबंधित कार्यालय की जानकारी लेने के लिए ब्लॉक विकास कार्यालय या जिला समाज कल्याण कार्यालय में भी संपर्क किया जा सकता है।

चरण 3: संबंधित अधिकारी से प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना या लागू परिवार सहायता योजना के अंतर्गत मिलने वाला आवेदन फॉर्म मांगें।

चरण 4: फॉर्म में मृतक की जानकारी भरें और परिवार के जीवित मुखिया के रूप में अपनी जानकारी दर्ज करें।

चरण 5: मृत्यु प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण, BPL प्रमाण और बैंक खाते की जानकारी सहित जरूरी दस्तावेजों की प्रतियां फॉर्म के साथ लगाएं।

चरण 6: भरा हुआ फॉर्म संबंधित अधिकारी के पास जमा करें और उसकी रसीद या पावती जरूर लें।

चरण 7: यदि फॉर्म भरने या ऑनलाइन दस्तावेज जमा करने में सहायता चाहिए, तो नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर पूछें कि वहां इस सेवा के लिए मदद मिलती है या नहीं।

आवेदन जमा करने के बाद क्या होगा?

आवेदन जमा होने के बाद संबंधित अधिकारी फॉर्म में दी गई जानकारी और दस्तावेजों की जांच करते हैं। इसी जांच के आधार पर तय किया जाता है कि परिवार आर्थिक सहायता पाने की शर्तें पूरी करता है या नहीं।

चरण 1: अधिकृत अधिकारी मृत्यु प्रमाण पत्र, मृतक की आयु और परिवार की BPL स्थिति की जांच करते हैं। जरूरत पड़ने पर कार्यालय आपसे अतिरिक्त दस्तावेज भी मांग सकता है।

चरण 2: यदि आवेदन निर्धारित शर्तें पूरी करता है और उसे मंजूरी मिल जाती है, तो परिवार को एकमुश्त 20,000 रुपये की सहायता मिल सकती है।

चरण 3: मंजूर की गई राशि लागू भुगतान प्रक्रिया के अनुसार प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से लाभार्थी के बैंक या डाकघर खाते में भेजी जाती है।

चरण 4: योजना से जुड़ी उपलब्ध जानकारी देखने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय के आधिकारिक पेंशन और सामाजिक सहायता पोर्टल पर जा सकते हैं।

महत्वपूर्ण: उमंग की वेबसाइट, मोबाइल ऐप और राज्य सरकार के पोर्टल पर यह सेवा हर राज्य में उपलब्ध हो, यह जरूरी नहीं है। यदि आपको आवेदन का विकल्प नहीं मिलता, तो अपने स्थानीय सरकारी कार्यालय से संपर्क करके आवेदन जमा करने का सही तरीका पूछें। योजना का नाम बदलने से संबंधित जानकारी के लिए आप मंत्रिमंडल की आधिकारिक घोषणा भी देख सकते हैं।

5,000 रुपये से 20,000 रुपये तक: परिवार लाभ योजना में सहायता राशि का सफर

वर्षमुख्य बदलाव
15 अगस्त 1995राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना की शुरुआत हुई। उस समय परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की प्राकृतिक कारणों से मृत्यु होने पर पात्र परिवार को 5,000 रुपये और दुर्घटना में मृत्यु होने पर 10,000 रुपये दिए जाते थे।
2012सहायता राशि बढ़ाकर 20,000 रुपये कर दी गई। इसके बाद प्राकृतिक कारणों या दुर्घटना, दोनों में से किसी वजह से मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु होने पर यह राशि दी जाने लगी। मृतक की निर्धारित आयु 18 से 59 वर्ष रखी गई।
2014योजना में परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की परिभाषा का विस्तार किया गया और इसमें गृहिणी को भी शामिल किया गया। इससे परिवार की देखभाल और घरेलू जिम्मेदारियां निभाने वाली महिलाओं की भूमिका को मान्यता मिली।
14 अक्टूबर 2026केंद्रीय मंत्रिमंडल ने योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना करने की मंजूरी दी। साथ ही, इसे मूल कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 2030-31 तक जारी रखने का निर्णय लिया गया।
  • क्या पहले जैसा है: एकमुश्त 20,000 रुपये की सहायता राशि, परिवार का BPL श्रेणी में होना और मृतक मुख्य कमाने वाले सदस्य की आयु 18 से 59 वर्ष के बीच होना।
  • क्या बदला है: योजना का नाम बदला गया है और अब यह प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना के अंतर्गत आती है।

परिवार लाभ योजना और मासिक पेंशन में क्या अंतर है?

अलग-अलग सामाजिक सहायता योजनाएं लोगों की अलग-अलग आर्थिक जरूरतों को पूरा करती हैं। प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु के बाद एकमुश्त आर्थिक सहायता देती है। वहीं, पेंशन योजनाओं के माध्यम से पात्र विधवाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है।

योजना का नामकिसे लाभ मिलता है?केंद्र सरकार से मिलने वाली सहायता
प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजनापरिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु होने पर पात्र BPL परिवारों कोएकमुश्त 20,000 रुपये
प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना40 वर्ष या उससे अधिक आयु की पात्र BPL विधवाओं कोआयु के अनुसार हर महीने 300 या 500 रुपये
प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना60 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र BPL वरिष्ठ नागरिकों कोआयु के अनुसार हर महीने 200 या 500 रुपये
प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना40% या उससे अधिक दिव्यांगता वाले पात्र व्यक्तियों कोलागू श्रेणी के अनुसार हर महीने 375 या 625 रुपये

क्या विधवा महिला दोनों योजनाओं का लाभ ले सकती है? यदि किसी महिला के पति परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे और उनकी मृत्यु हो गई है, तो महिला एकमुश्त परिवार लाभ सहायता के लिए पात्र हो सकती है। इसके अलावा, यदि वह विधवा पेंशन योजना की अलग पात्रता शर्तें पूरी करती है, तो उसके लिए मासिक पेंशन का आवेदन भी कर सकती है। हालांकि, एक योजना में मंजूरी मिलने का अर्थ यह नहीं है कि दूसरी योजना का लाभ भी अपने आप मिल जाएगा।

योजना से जुड़े महत्वपूर्ण लिंक

प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना की आधिकारिक जानकारी देखने, सरकारी घोषणाओं की जांच करने और उपलब्ध ऑनलाइन सेवाओं तक पहुंचने के लिए नीचे दिए गए लिंक इस्तेमाल कर सकते हैं।

मदद की जरूरत होने पर कहां संपर्क करें?

  • केंद्रीय मंत्रालय: ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय, कृषि भवन, नई दिल्ली – 110001
  • उमंग सहायता नंबर: 1800-11-5246 (उमंग के माध्यम से आवेदन करने में सहायता के लिए)
  • उमंग ईमेल: customercare@उमंग.gov.in
  • राज्य स्तर पर: अपने राज्य या केंद्रशासित प्रदेश के समाज कल्याण या सामाजिक न्याय विभाग से संपर्क करें।
  • जिला स्तर पर: जिला समाज कल्याण अधिकारी से संपर्क करें।
  • स्थानीय स्तर पर: ब्लॉक विकास कार्यालय, ग्राम पंचायत या नगर निकाय कार्यालय में जानकारी प्राप्त करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न. प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना क्या है?

उत्तर. प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना के तहत परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु होने पर पात्र गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवनयापन करने वाले परिवार को एकमुश्त 20,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।

प्रश्न. योजना का नाम कब बदला गया?

उत्तर. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 अक्टूबर 2026 को योजना का नाम बदलने की मंजूरी दी थी।

प्रश्न. क्या योजना के लाभ या पात्रता की शर्तों में बदलाव हुआ है?

उत्तर. घोषित बदलावों के अनुसार, योजना नए नाम के साथ पहले की तरह जारी रहेगी। आर्थिक सहायता की राशि और पात्रता की शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

प्रश्न. योजना के तहत परिवार को कितनी आर्थिक सहायता मिलती है?

उत्तर. पात्र परिवार को एक बार में 20,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है।

प्रश्न. क्या इस योजना के तहत हर महीने पेंशन मिलती है?

उत्तर. नहीं। इस योजना में हर महीने पेंशन देने के बजाय एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाती है।

प्रश्न. प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना के लिए कौन आवेदन कर सकता है?

उत्तर. गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवनयापन करने वाला परिवार इस योजना के लिए पात्र हो सकता है, यदि उसके मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु 18 से 59 वर्ष की आयु के बीच हुई हो। इसके अलावा, परिवार को योजना की अन्य लागू पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होंगी।

प्रश्न. क्या मृत्यु का कारण योजना की पात्रता को प्रभावित करता है?

उत्तर. नहीं। योजना में परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की प्राकृतिक कारणों या दुर्घटना के कारण हुई मृत्यु, दोनों स्थितियों को शामिल किया गया है।

प्रश्न. क्या किसी महिला को परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य माना जा सकता है?

उत्तर. हां। किसी महिला को परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य माना जा सकता है। यदि संबंधित अधिकारी किसी गृहिणी को परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य मानते हैं, तो उसकी मृत्यु होने पर भी परिवार पात्रता के अनुसार सहायता प्राप्त कर सकता है।

प्रश्न. क्या मुख्य कमाने वाले सदस्य की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होने पर परिवार आवेदन कर सकता है?

उत्तर. नहीं। योजना के निर्धारित आयु नियमों के अनुसार, मृत्यु के समय मुख्य कमाने वाले सदस्य की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होने पर परिवार इस योजना का लाभ नहीं ले सकता।

प्रश्न. योजना के तहत 20,000 रुपये की सहायता किसे मिलती है?

उत्तर. संबंधित अधिकारी आवेदन और जरूरी दस्तावेजों की जांच करने के बाद परिवार के जीवित मुखिया को आर्थिक सहायता देते हैं।

प्रश्न. आवेदन करने के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होती है?

उत्तर. मुख्य दस्तावेजों में मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र, उसकी आयु का प्रमाण, BPL प्रमाण, आवेदक का आधार कार्ड और बैंक या डाकघर खाते का विवरण शामिल हैं। जरूरत पड़ने पर स्थानीय अधिकारी अन्य दस्तावेज भी मांग सकते हैं।

प्रश्न. प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना के लिए आवेदन कहां करें?

उत्तर. आप UMANG पोर्टल या अपने राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जांच सकते हैं कि ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है या नहीं। इसके अलावा, आवेदन में सहायता के लिए ग्राम पंचायत, ब्लॉक कार्यालय, नगर निकाय कार्यालय या जिला समाज कल्याण कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

प्रश्न. क्या योजना के लिए आवेदन जमा करने की कोई अंतिम तारीख है?

उत्तर. आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख राज्य के नियमों पर निर्भर कर सकती है। इसलिए मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु के बाद जल्द से जल्द स्थानीय सरकारी कार्यालय से संपर्क करें और आवेदन की समय-सीमा की जानकारी प्राप्त करें।

प्रश्न. क्या राज्य सरकार इस योजना के तहत अतिरिक्त आर्थिक सहायता दे सकती है?

उत्तर. कुछ राज्य सरकारें अपने नियमों के अनुसार अतिरिक्त आर्थिक सहायता दे सकती हैं। इसके बारे में जानकारी लेने के लिए अपने राज्य के समाज कल्याण विभाग से संपर्क करें।

प्रश्न. लाभार्थी को आर्थिक सहायता की राशि कैसे मिलती है?

उत्तर. आवेदन मंजूर होने के बाद लागू भुगतान प्रक्रिया के अनुसार आर्थिक सहायता की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से लाभार्थी के बैंक या डाकघर खाते में भेजी जाती है।

प्रश्न. अब तक कितने परिवारों को इस योजना का लाभ मिला है?

उत्तर. इस लेख के लिए उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लगभग 3.5 लाख परिवारों को सहायता मिली है। हालांकि, लाभार्थियों की संख्या समय के साथ बदल सकती है। इसलिए लेख प्रकाशित करने से पहले नवीनतम सरकारी आंकड़ों की जांच कर लें।

प्रश्न. व्यापक सामाजिक सहायता कार्यक्रम के लिए कितना बजट मंजूर किया गया है?

उत्तर. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक के लिए 53,428 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। यह राशि पूरे सामाजिक सहायता कार्यक्रम के लिए है, न कि केवल परिवार लाभ योजना के तहत मिलने वाली 20,000 रुपये की सहायता के लिए।

प्रश्न. क्या प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना और विधवा या वृद्धावस्था पेंशन योजना एक ही हैं?

उत्तर. नहीं। विधवा और वृद्धावस्था पेंशन योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को नियमित रूप से हर महीने पेंशन मिलती है। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु होने पर पात्र परिवार को एकमुश्त आर्थिक सहायता देती है।

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