प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना

प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना के तहत पात्र दिव्यांगजनों को केंद्र सरकार हर महीने आर्थिक सहायता देती है। इस योजना के अंतर्गत 0 से 79 वर्ष तक के लाभार्थियों को ₹375 प्रति माह और 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लाभार्थियों को ₹625 प्रति माह पेंशन मिलती है। संशोधित नियमों के अनुसार, अब कम से कम 40% दिव्यांगता वाले व्यक्ति भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 अक्टूबर 2026 को योजना का नाम बदलने और इसके नियमों में संशोधन को मंजूरी दी।

प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना की मुख्य जानकारी
योजना का नामप्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना
पुराना नामइंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना (IGNDPS)
मुख्य योजनाप्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना
शुरुआतफरवरी 2009
नाम परिवर्तन और नियमों में संशोधन14 अक्टूबर 2026
मंजूरी देने वाली संस्थाप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल
कार्यान्वयन विभागग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय
कार्यक्रम का कुल बजटवित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक ₹53,428 करोड़
केंद्र सरकार की पेंशन (0 से 79 वर्ष)₹375 प्रति माह (पहले ₹300 मिलते थे)
केंद्र सरकार की पेंशन (80 वर्ष या उससे अधिक)₹625 प्रति माह (पहले ₹500 मिलते थे)
न्यूनतम दिव्यांगता40% दिव्यांगता (पहले 80% की शर्त थी)
न्यूनतम आयुकोई न्यूनतम आयु सीमा नहीं; पात्र व्यक्ति जन्म से ही लाभ ले सकते हैं (पहले न्यूनतम आयु 18 वर्ष थी)
परिवार से जुड़ी पात्रतालागू नियमों के अनुसार पात्र गरीबी रेखा से नीचे (BPL) रहने वाले परिवार का सदस्य होना जरूरी है
मुख्य दस्तावेजदिव्यांगता प्रमाण पत्र या विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (UDID कार्ड)
पेंशन भुगतान का तरीकालाभार्थी के बैंक या डाकघर खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT)
नए दिशा-निर्देश14 अक्टूबर 2026 को मंत्रिमंडल के फैसले के तीन महीने के भीतर जारी होने की उम्मीद है
आधिकारिक पोर्टलआधिकारिक पेंशन पोर्टल

Table of Contents

प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना का परिचय: एक संक्षिप्त जानकारी

दिव्यांगता के साथ जीवन बिताने वाले लोगों और दिव्यांग बच्चे की देखभाल करने वाले परिवारों को अक्सर दवाइयों, इलाज, थेरेपी, आने-जाने और रोजमर्रा की देखभाल पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है। सीमित आमदनी वाले परिवारों के लिए इन खर्चों को पूरा करना मुश्किल हो सकता है। ऐसे परिवारों को आर्थिक सहारा देने के लिए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना के तहत पात्र दिव्यांगजनों को हर महीने पेंशन देती है।

सरकार ने फरवरी 2009 में इस योजना की शुरुआत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना के नाम से की थी। इसके बाद 14 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने योजना का नाम बदलने और इसके नियमों में संशोधन को मंजूरी दी। अब यह योजना प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना के अंतर्गत एक उप-योजना के रूप में संचालित होगी। इस मुख्य योजना के लिए वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक ₹53,428 करोड़ का बजट मंजूर किया गया है।

ग्रामीण विकास मंत्रालय का ग्रामीण विकास विभाग राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों के साथ मिलकर इस योजना को लागू करता है। इसका मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को नियमित आर्थिक सहायता देना और पात्रता के नियमों को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुरूप बनाना है।

केंद्र सरकार ने 0 से 79 वर्ष की उम्र के पात्र लाभार्थियों की मासिक पेंशन ₹300 से बढ़ाकर ₹375 कर दी है। वहीं, 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लाभार्थियों को अब ₹500 की जगह ₹625 प्रति माह मिलेंगे। इस तरह दोनों श्रेणियों में पेंशन की राशि पहले के मुकाबले 25% बढ़ गई है। राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपनी योजनाओं और नियमों के अनुसार अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी दे सकते हैं। सरकार पेंशन की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से लाभार्थियों के खाते में भेजती है।

संशोधित नियमों में दो बड़े बदलाव किए गए हैं। पहला, अब योजना का लाभ लेने के लिए कम से कम 40% दिव्यांगता होना जरूरी है, जबकि पहले यह सीमा 80% थी। दूसरा, योजना में अब न्यूनतम आयु की कोई शर्त नहीं है। इसका मतलब है कि पात्र दिव्यांग बच्चे जन्म से ही पेंशन के लिए पात्र हो सकते हैं। मौजूदा नियमों के अनुसार, आवेदक को पात्र गरीबी रेखा से नीचे (BPL) रहने वाले परिवार से होना चाहिए और उसके पास वैध दिव्यांगता प्रमाण पत्र या UDID कार्ड होना चाहिए।

आवेदक अपने राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के संबंधित सरकारी कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकते हैं। वे उमंग पोर्टल या अपने राज्य के पेंशन पोर्टल पर भी आवेदन की सुविधा देख सकते हैं। संशोधित नियमों को लागू करने के लिए मंत्रालय मंत्रिमंडल के फैसले के तीन महीने के भीतर नए दिशा-निर्देश जारी करेगा। आवेदकों को अपना दिव्यांगता प्रमाण पत्र या UDID कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार रखने चाहिए। आवेदन से जुड़ी सहायता के लिए वे अपने क्षेत्र के ब्लॉक कार्यालय या जिला समाज कल्याण कार्यालय से भी संपर्क कर सकते हैं।

पात्र परिवारों के वरिष्ठ नागरिक प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना के बारे में जानकारी ले सकते हैं। वहीं, पात्र विधवाएं प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना का विवरण देख सकती हैं। ये दोनों योजनाएं भी इसी मुख्य योजना के अंतर्गत आती हैं।

दिव्यांगजन, उनके परिवार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी अन्य सरकारी सहायता योजनाओं की जानकारी पाने वाले पाठक हमारी केंद्र सरकार की लोकप्रिय और कल्याणकारी योजनाओं की सूची भी देख सकते हैं।

अक्टूबर 2026 के फैसले से दिव्यांगजनों को क्या लाभ मिलेगा?

  • 14 अक्टूबर 2026: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना करने की मंजूरी दी।
  • बढ़ी हुई पेंशन और अधिक लोगों को लाभ: अब पात्र लाभार्थियों को ₹375 या ₹625 प्रति माह मिलेंगे। साथ ही, दिव्यांगता की न्यूनतम सीमा घटाकर 40% कर दी गई है और पात्र बच्चों को जन्म से लाभ मिल सकेगा।
  • आगे क्या होगा: मंत्रालय फैसले के तीन महीने के भीतर पात्रता, लाभार्थियों की संख्या और पेंशन दरों से जुड़े दिशा-निर्देश जारी करेगा। इस समयसीमा के अनुसार, नए दिशा-निर्देश जनवरी 2027 के मध्य तक आ सकते हैं।
  • दस्तावेज तैयार रखें: अभी से दिव्यांगता प्रमाण पत्र या UDID कार्ड बनवा लेने से राज्य में नई व्यवस्था लागू होने के बाद आवेदन करने में समय बचेगा।

पात्र लाभार्थियों को मिलने वाले लाभ

दिव्यांगजनों को इलाज, दवाइयों और आने-जाने जैसे खर्चों के लिए हर महीने अतिरिक्त पैसे की जरूरत पड़ सकती है। प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना के तहत केंद्र सरकार ने मासिक पेंशन में 25% की बढ़ोतरी की है और अब पहले से अधिक दिव्यांगजन पात्रता की शर्तें पूरी करके इसका लाभ ले सकते हैं।

  • 0 से 79 वर्ष के पात्र लाभार्थियों को केंद्र सरकार की ओर से ₹375 प्रति माह मिलेंगे। पहले यह राशि ₹300 थी।
  • 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पात्र लाभार्थियों को ₹625 प्रति माह मिलेंगे। पहले यह राशि ₹500 थी।
  • पात्र दिव्यांग बच्चे जन्म से पेंशन का लाभ ले सकते हैं।
  • अब 40% या उससे अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्ति पात्र हो सकते हैं। पहले न्यूनतम सीमा 80% थी।
  • दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत बताए गए प्रावधानों के अनुसार, केंद्र सरकार इस योजना में अन्य लाभार्थी समूहों की तुलनीय पेंशन योजनाओं के मुकाबले 25% अधिक आर्थिक सहायता देती है।
  • पात्र लाभार्थियों को राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के नियमों के अनुसार अतिरिक्त पेंशन राशि भी मिल सकती है।
  • योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी को कोई अंशदान या प्रीमियम नहीं देना पड़ता।
  • सरकार पेंशन की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए सीधे लाभार्थी के बैंक या डाकघर खाते में भेजती है।

पात्रता की शर्तें

प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना में संशोधन के बाद अब कम दिव्यांगता वाले व्यक्ति और पात्र नवजात बच्चे भी पेंशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी।

  • दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुसार कम से कम 40% प्रमाणित दिव्यांगता होनी चाहिए।
  • पहले दिव्यांगता की न्यूनतम सीमा 80% थी। संशोधित नियमों के तहत अब 40% से 79% तक दिव्यांगता वाले व्यक्ति भी पात्र हो सकते हैं।
  • योजना में न्यूनतम आयु की कोई सीमा नहीं है। पात्र लाभार्थी जन्म से ही पेंशन प्राप्त कर सकते हैं।
  • लागू नियमों के अनुसार आवेदक गरीबी रेखा से नीचे (BPL) रहने वाले परिवार से होना चाहिए।
  • सक्षम चिकित्सा प्राधिकरण द्वारा जारी वैध दिव्यांगता प्रमाण पत्र होना चाहिए।
  • आवेदक भारत का नागरिक हो और जिस राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में आवेदन कर रहा है, वहां निवास करता हो।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

दिव्यांगता की न्यूनतम सीमा घटाकर 40% करने से अब अधिक दिव्यांगजन इस योजना के पात्र हो सकते हैं। आवेदन करते समय दिव्यांगता प्रमाण पत्र या UDID कार्ड पर विशेष ध्यान दें। मंत्रालय नए दिशा-निर्देशों के जरिए दस्तावेजों की अंतिम सूची जारी करेगा। आमतौर पर आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।

  • सक्षम चिकित्सा प्राधिकरण द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र या कम से कम 40% दिव्यांगता दर्शाने वाला UDID कार्ड
  • BPL कार्ड या गरीबी रेखा से नीचे रहने का अन्य प्रमाण
  • आयु प्रमाण पत्र, जैसे जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल प्रमाण पत्र; बच्चों के लिए भी आयु प्रमाण देना जरूरी हो सकता है
  • आवेदक का आधार कार्ड या राज्य के नियमों के अनुसार बच्चे के माता-पिता अथवा अभिभावक का आधार कार्ड
  • संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में निवास का प्रमाण
  • बैंक या डाकघर की पासबुक, जिसमें खाता संख्या और IFSC कोड दर्ज हो
  • हाल ही में खिंचवाई गई पासपोर्ट साइज फोटो
  • आवेदन से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए मोबाइल नंबर

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कैसे करें?

प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना के लिए आवेदन राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों के माध्यम से किया जाता है। आवेदक अपने राज्य के पेंशन पोर्टल, उमंग की वेबसाइट या मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। वे चाहें तो नजदीकी सरकारी कार्यालय में जाकर भी आवेदन की प्रक्रिया समझ सकते हैं। मंत्रालय 14 अक्टूबर 2026 को हुए मंत्रिमंडल के फैसले के तीन महीने के भीतर 40% दिव्यांगता की संशोधित सीमा से जुड़े दिशा-निर्देश जारी करेगा। जब तक राज्य सरकार संशोधित नियम लागू नहीं करती, तब तक आवेदक अपने दस्तावेज तैयार रखें और संबंधित विभाग से आवेदन की नवीनतम प्रक्रिया की जानकारी लेते रहें।

सबसे पहले दिव्यांगता प्रमाण पत्र या UDID कार्ड बनवाएं

पेंशन के लिए आवेदन करने से पहले सुनिश्चित करें कि आपके पास वैध दिव्यांगता प्रमाण पत्र या UDID कार्ड है। अगर आपके पास इनमें से कोई दस्तावेज नहीं है, तो नीचे दिए गए चरणों का पालन करें।

चरण 1: दिव्यांगता प्रमाण पत्र और UDID कार्ड के लिए आवेदन करने हेतु आधिकारिक UDID पोर्टल खोलें।

चरण 2: पोर्टल पर मांगी गई जानकारी भरकर पंजीकरण करें। खाता बनने के बाद लॉगिन करें।

चरण 3: दिव्यांगता प्रमाण पत्र और UDID कार्ड के लिए आवेदन करने का विकल्प चुनें।

चरण 4: अपनी फोटो, पहचान प्रमाण और पते के प्रमाण सहित जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।

चरण 5: आवेदन प्रक्रिया के दौरान निर्धारित चिकित्सा प्राधिकरण या अस्पताल में जाएं। वहां अधिकृत डॉक्टर आपकी दिव्यांगता का आकलन करेंगे और दिव्यांगता का प्रतिशत निर्धारित करेंगे।

चरण 6: प्रमाण पत्र या कार्ड जारी होने के बाद, यदि पोर्टल पर डाउनलोड की सुविधा उपलब्ध है, तो उसे डाउनलोड कर लें।

चरण 7: यदि आवेदक बच्चा है, तो उसके माता-पिता या कानूनी अभिभावक उसकी ओर से आवेदन पूरा कर सकते हैं।

तरीका 1: उमंग की वेबसाइट से ऑनलाइन आवेदन करें

अगर आप कंप्यूटर या मोबाइल ब्राउजर से आवेदन करना चाहते हैं, तो उमंग की वेबसाइट पर पेंशन सेवा की उपलब्धता जांच सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें।

चरण 1: उमंग की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।

चरण 2: पंजीकरण का विकल्प चुनें, अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें और फोन पर आए OTP से उसे सत्यापित करें।

चरण 3: दिव्यांगजन पेंशन सेवा खोजें। हो सकता है कि पोर्टल पर यह सेवा अभी पुराने नाम या मौजूदा श्रेणी के अंतर्गत दिखाई दे।

चरण 4: अपना राज्य चुनें और देखें कि आवेदन करने का विकल्प उपलब्ध है या नहीं।

चरण 5: मांगी गई जानकारी भरें और दिव्यांगता प्रमाण पत्र या UDID कार्ड, BPL प्रमाण, आयु प्रमाण, आधार संबंधी जानकारी और बैंक खाते के विवरण जैसे जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।

चरण 6: आवेदन जमा करने से पहले भरी गई जानकारी जांच लें। आवेदन संख्या या पावती को सुरक्षित रखें, ताकि बाद में आवेदन की स्थिति देख सकें।

तरीका 2: उमंग मोबाइल ऐप से आवेदन करें

अगर आप स्मार्टफोन से आवेदन करना चाहते हैं, तो उमंग मोबाइल ऐप का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

चरण 1: Android फोन इस्तेमाल करने वाले लोग गूगल प्ले स्टोर पर उमंग ऐप खोज सकते हैं। iPhone इस्तेमाल करने वाले लोग इसे एप्पल एप स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं।

चरण 2: ऐप इंस्टॉल करें, अपनी पसंद की भाषा चुनें और मोबाइल नंबर से पंजीकरण करें।

चरण 3: OTP से मोबाइल नंबर सत्यापित करें और दिव्यांगजन पेंशन सेवा खोजें।

चरण 4: अपना राज्य चुनें, आवेदन फॉर्म भरें और जरूरी दस्तावेजों की साफ तस्वीरें अपलोड करें।

चरण 5: दर्ज की गई जानकारी जांचें और फॉर्म जमा कर दें। भविष्य में जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल करने के लिए आवेदन संख्या सुरक्षित रखें।

तरीका 3: अपने राज्य के पेंशन पोर्टल से आवेदन करें

दिव्यांगजन पेंशन के आवेदन के लिए अलग-अलग राज्य अपने ऑनलाइन पोर्टल का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह जानने के लिए कि आपके राज्य में ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है या नहीं, नीचे दिए गए सामान्य चरण अपनाएं।

चरण 1: अपने राज्य सरकार के आधिकारिक समाज कल्याण या पेंशन पोर्टल पर जाएं।

चरण 2: पोर्टल पर मांगी गई जानकारी, जैसे मोबाइल नंबर या आधार विवरण, देकर पंजीकरण करें और लॉगिन करें।

चरण 3: दिव्यांगजन पेंशन का विकल्प खोजें और आवेदन फॉर्म खोलें।

चरण 4: अपनी जानकारी भरें, जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और आवेदन जमा कर दें। यदि पोर्टल पावती संख्या देता है, तो उसे सुरक्षित रख लें।

राज्यकहां आवेदन करें?
उत्तर प्रदेशउत्तर प्रदेश का सामाजिक सुरक्षा पेंशन पोर्टल
बिहारबिहार का सामाजिक सुरक्षा पेंशन पोर्टल
अन्य राज्यसंबंधित पेंशन सेवा की जानकारी के लिए अपने राज्य के आधिकारिक समाज कल्याण या दिव्यांगजन विभाग की वेबसाइट पर जाएं।

तरीका 4: ऑफलाइन आवेदन करें

यदि आप ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते या आपके राज्य के पोर्टल पर पेंशन सेवा उपलब्ध नहीं है, तो सरकारी कार्यालय में जाकर आवेदन करने में मदद ले सकते हैं।

चरण 1: यदि आप गांव में रहते हैं, तो अपनी ग्राम पंचायत में जाएं। कस्बे या शहर में रहने वाले लोग स्थानीय नगर निकाय कार्यालय से संपर्क करें।

चरण 2: आप ब्लॉक विकास कार्यालय या जिला समाज कल्याण कार्यालय में भी जाकर पूछ सकते हैं कि आवेदन कहां जमा करना है।

चरण 3: संबंधित अधिकारी से प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना के अंतर्गत दिव्यांगजन पेंशन का आवेदन फॉर्म मांगें।

चरण 4: फॉर्म में मांगी गई जानकारी सावधानी से भरें और जरूरी दस्तावेजों की प्रतियां संलग्न करें।

चरण 5: भरा हुआ फॉर्म अधिकृत अधिकारी के पास जमा करें। आवेदन जमा करने के प्रमाण के रूप में रसीद या पावती जरूर मांगें।

चरण 6: फॉर्म भरने या दस्तावेज अपलोड करने में मदद चाहिए, तो नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर पूछें कि वहां इस सेवा के लिए सहायता मिल सकती है या नहीं।

आवेदन करने के बाद क्या होगा?

आवेदन जमा होने के बाद संबंधित अधिकारी आपके विवरण और दस्तावेजों की जांच करेंगे। इसके बाद वे तय करेंगे कि आप पेंशन के लिए पात्र हैं या नहीं। आम तौर पर प्रक्रिया इस तरह आगे बढ़ती है।

चरण 1: अधिकारी आपके दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आयु और BPL स्थिति के साथ आवेदन में दी गई अन्य जानकारी तथा दस्तावेजों की जांच करेंगे।

चरण 2: संबंधित प्राधिकरण आवेदन की समीक्षा करेगा और पात्रता की शर्तें पूरी होने पर उसे मंजूरी देगा।

चरण 3: आवेदन मंजूर होने के बाद लागू भुगतान प्रक्रिया के अनुसार पेंशन की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए आपके बैंक या डाकघर खाते में भेजी जाएगी।

चरण 4: योजना से जुड़ी उपलब्ध जानकारी देखने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय के आधिकारिक पेंशन पोर्टल पर जाएं।

महत्वपूर्ण: उमंग की वेबसाइट, मोबाइल ऐप और राज्य के पेंशन पोर्टल पर आवेदन की सुविधा तभी उपलब्ध होती है, जब संबंधित सरकार ने इसे शुरू किया हो। यदि आपको ऑनलाइन सेवा नहीं मिलती, तो आवेदन का तरीका जानने के लिए अपने स्थानीय सरकारी कार्यालय से संपर्क करें। पहले से पेंशन पाने वाले दिव्यांगजनों को कोई कदम उठाने से पहले आधिकारिक निर्देश जांच लेने चाहिए। केवल योजना का नाम बदलने से जरूरी नहीं कि उन्हें नया आवेदन जमा करना पड़े।

दिव्यांगजनों के लिए पुराने और नए नियमों में क्या बदलाव हुआ?

विवरणपुराने नियम (IGNDPS)संशोधित नियम (प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना)
केंद्र सरकार की पेंशन (79 वर्ष तक)₹300 प्रति माह₹375 प्रति माह
केंद्र सरकार की पेंशन (80 वर्ष या उससे अधिक)₹500 प्रति माह₹625 प्रति माह
न्यूनतम दिव्यांगता80% या उससे अधिक40% या उससे अधिक
न्यूनतम आयु18 वर्षकोई न्यूनतम आयु सीमा नहीं; पात्र व्यक्ति जन्म से ही लाभ ले सकते हैं
  • किन लोगों को फायदा मिलेगा: अब 40% से 79% तक दिव्यांगता वाले व्यक्ति और 18 वर्ष से कम उम्र के पात्र बच्चे भी संशोधित नियमों के तहत पेंशन के लिए पात्र हो सकते हैं।
  • किन नियमों में बदलाव नहीं हुआ: केंद्र सरकार पेंशन का भुगतान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए करती है। राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अतिरिक्त आर्थिक सहायता दे सकते हैं। मौजूदा नियमों के तहत BPL परिवार से संबंधित शर्त भी लागू रहती है।

दिव्यांगता की 40% सीमा क्यों रखी गई? दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 क्या कहता है?

  • प्रमाणित दिव्यांगता: दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुसार, कम से कम 40% दिव्यांगता को बेंचमार्क दिव्यांगता माना जाता है। संशोधित पेंशन योजना में पात्रता की सीमा इसी आधार पर तय की गई है।
  • 25% अधिक आर्थिक सहायता: संशोधित नियमों के तहत दिव्यांगजनों को अन्य लाभार्थी समूहों की तुलनीय पेंशन योजनाओं के मुकाबले 25% अधिक पेंशन सहायता दी जाती है।
  • पेंशन राशि में कितना अंतर आया: केंद्र सरकार की पुरानी पेंशन दरें ₹300 और ₹500 थीं। अब इन्हें बढ़ाकर क्रमशः ₹375 और ₹625 प्रति माह कर दिया गया है। दोनों दरों में पहले के मुकाबले 25% की बढ़ोतरी हुई है।

योजना से जुड़े महत्वपूर्ण लिंक

सहायता के लिए संपर्क विवरण

  • केंद्रीय मंत्रालय: ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय, कृषि भवन, नई दिल्ली – 110001
  • UDID कार्ड के लिए: दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, अंत्योदय भवन, CGO कॉम्प्लेक्स, लोधी रोड, नई दिल्ली – 110003
  • UDID ईमेल: disability-udid@gov.in
  • उमंग हेल्पलाइन: 1800-11-5246 (उमंग पर आवेदन करने में सहायता के लिए)
  • उमंग ईमेल: customercare@उमंग.gov.in
  • राज्य स्तर पर: अपने राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के समाज कल्याण या दिव्यांगजन विभाग से संपर्क करें।
  • स्थानीय स्तर पर: जिला समाज कल्याण अधिकारी, ब्लॉक विकास कार्यालय, ग्राम पंचायत या नगर निकाय कार्यालय से संपर्क करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना क्या है?

उत्तर: यह केंद्र सरकार की एक पेंशन योजना है, जिसके तहत पात्र दिव्यांगजनों को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना का पुराना नाम इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना (IGNDPS) था।

प्रश्न: योजना का नाम कब बदला गया?

उत्तर: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 अक्टूबर 2026 को योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना करने की मंजूरी दी।

प्रश्न: केंद्र सरकार से लाभार्थियों को हर महीने कितनी पेंशन मिलेगी?

उत्तर: 0 से 79 वर्ष की उम्र के पात्र लाभार्थियों को ₹375 प्रति माह और 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लाभार्थियों को ₹625 प्रति माह मिलेंगे। इससे पहले इन दोनों श्रेणियों में क्रमशः ₹300 और ₹500 प्रति माह मिलते थे।

प्रश्न: संशोधित नियमों के तहत दिव्यांगता की न्यूनतम सीमा कितनी है?

उत्तर: अब योजना का लाभ लेने के लिए कम से कम 40% प्रमाणित दिव्यांगता होनी चाहिए। पहले आवेदक को पात्र होने के लिए कम से कम 80% दिव्यांगता की शर्त पूरी करनी पड़ती थी।

प्रश्न: क्या पेंशन पाने के लिए न्यूनतम आयु की कोई सीमा है?

उत्तर: योजना की संशोधित पात्रता शर्तों के अनुसार, अब न्यूनतम आयु की कोई सीमा नहीं है। पात्र लाभार्थी जन्म से ही पेंशन प्राप्त कर सकते हैं। पहले आवेदक की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी जरूरी थी।

प्रश्न: क्या दिव्यांग बच्चा भी इस पेंशन का लाभ ले सकता है?

उत्तर: हां। यदि बच्चा दिव्यांगता और परिवार से जुड़ी पात्रता की शर्तें पूरी करता है, तो वह पेंशन का लाभ ले सकता है। बच्चे के माता-पिता या कानूनी अभिभावक उसकी ओर से आवेदन भरने और जरूरी दस्तावेज जमा करने में मदद कर सकते हैं।

प्रश्न: सरकार ने पात्रता की शर्तों में बदलाव क्यों किया है?

उत्तर: संशोधित शर्तें दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 में निर्धारित 40% प्रमाणित दिव्यांगता की सीमा को ध्यान में रखती हैं। पेंशन की राशि बढ़ाने का उद्देश्य भी पात्र दिव्यांगजनों को पहले से अधिक आर्थिक सहायता देना है।

प्रश्न: क्या पेंशन पाने के लिए BPL श्रेणी में होना जरूरी है?

उत्तर: मौजूदा नियमों के अनुसार, लाभार्थी का परिवार गरीबी रेखा से नीचे (BPL) रहने वाले पात्र परिवारों में शामिल होना चाहिए। मंत्रालय के संशोधित दिशा-निर्देश स्पष्ट करेंगे कि पात्रता का दायरा बढ़ने के बाद यह शर्त किस तरह लागू होगी।

प्रश्न: संशोधित नियम कब लागू होंगे?

उत्तर: मंत्रालय से उम्मीद है कि वह 14 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले के तीन महीने के भीतर पात्रता और पेंशन की राशि से जुड़े दिशा-निर्देश जारी करेगा। इस समयसीमा के अनुसार, दिशा-निर्देश जनवरी 2027 के मध्य तक जारी हो सकते हैं।

प्रश्न: क्या मौजूदा पेंशन लाभार्थियों को दोबारा आवेदन करना होगा?

उत्तर: केवल योजना का नाम बदलने से लाभार्थियों को नया आवेदन जमा करने की जरूरत नहीं होती। हालांकि, मौजूदा पेंशनधारकों को अपने राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की सरकार की ओर से जारी अतिरिक्त निर्देशों का पालन करना चाहिए।

प्रश्न: आवेदन करते समय सबसे जरूरी दस्तावेज कौन-सा है?

उत्तर: दिव्यांगता प्रमाण पत्र या विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (UDID कार्ड) सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में से एक है। इसमें आवेदक की दिव्यांगता से जुड़ी जानकारी और दिव्यांगता का प्रतिशत दर्ज होता है।

प्रश्न: UDID कार्ड कैसे बनवाएं?

उत्तर: आधिकारिक UDID पोर्टल पर जाकर पंजीकरण करें और दिव्यांगता प्रमाण पत्र व UDID कार्ड के लिए आवेदन करें। इसके बाद अधिकृत चिकित्सा प्राधिकरण द्वारा निर्धारित मेडिकल जांच की प्रक्रिया पूरी करें।

प्रश्न: प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना के लिए कहां आवेदन कर सकते हैं?

उत्तर: आप UMANG की वेबसाइट या मोबाइल ऐप, अपने राज्य के पेंशन पोर्टल या संबंधित सरकारी कार्यालय के माध्यम से आवेदन की सुविधा जांच सकते हैं। ऑफलाइन आवेदन के लिए ग्राम पंचायत, ब्लॉक विकास कार्यालय, नगर निकाय कार्यालय या जिला समाज कल्याण कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

प्रश्न: सरकार पेंशन की राशि कैसे भेजेगी?

उत्तर: लागू भुगतान प्रक्रिया के अनुसार, सरकार प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से पेंशन की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक या डाकघर खाते में भेजती है।

प्रश्न: क्या राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अतिरिक्त पेंशन सहायता दे सकते हैं?

उत्तर: हां। राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपनी पेंशन योजनाओं के नियमों के अनुसार अतिरिक्त आर्थिक सहायता दे सकते हैं। इसलिए कुल पेंशन की राशि संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के नियमों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।

प्रश्न: इस कार्यक्रम के लिए कुल कितना बजट निर्धारित किया गया है?

उत्तर: प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना के लिए वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल ₹53,428 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है।

प्रश्न: क्या प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना और प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना या प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना एक ही हैं?

उत्तर: नहीं। प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना के तहत पात्र दिव्यांगजनों को आर्थिक सहायता दी जाती है। प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना पात्र वरिष्ठ नागरिकों के लिए है, जबकि प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना के तहत पात्र विधवाओं को सहायता दी जाती है।

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