प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित एक सरकारी योजना है। इसके तहत गरीब परिवारों की पात्र विधवा महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। केंद्र सरकार 40 से 79 वर्ष की आयु की पात्र महिलाओं को ₹300 प्रति माह और 80 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं को ₹500 प्रति माह पेंशन देती है। राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की सरकारें भी अपनी ओर से पेंशन की राशि में योगदान कर सकती हैं। 14 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने योजना का नाम बदलने की मंजूरी दी। इससे पहले यह योजना इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के नाम से जानी जाती थी।
प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना की मुख्य जानकारी | |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना |
| पुराना नाम | इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (IGNWPS) |
| संबंधित मुख्य योजना | प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना |
| शुरुआत | फरवरी 2009 |
| नाम बदलने की तारीख | 14 अक्टूबर 2026 |
| मंजूरी देने वाला प्राधिकरण | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल |
| संचालन करने वाला विभाग | ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय |
| योजना का कुल बजट | वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक ₹53,428 करोड़ |
| 40 से 79 वर्ष की महिलाओं के लिए केंद्रीय पेंशन | ₹300 प्रति माह |
| 80 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं के लिए केंद्रीय पेंशन | ₹500 प्रति माह |
| राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की ओर से अतिरिक्त पेंशन | संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के अनुसार ₹50 से ₹3,800 प्रति माह |
| पात्रता | 40 वर्ष या उससे अधिक आयु की ऐसी विधवा महिलाएं, जिन्होंने दोबारा विवाह न किया हो और जो पात्र गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवार से संबंधित हों |
| लाभार्थी का अंशदान | कोई अंशदान नहीं; यह गैर-अंशदायी पेंशन योजना है |
| लाभार्थियों की संख्या | 67.83 लाख से अधिक विधवा महिलाएं |
| पेंशन भुगतान का तरीका | प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से लाभार्थी के बैंक या डाकघर खाते में |
| आवेदन कैसे करें | उमंग की वेबसाइट या मोबाइल ऐप, राज्य के पेंशन पोर्टल अथवा संबंधित सरकारी कार्यालय के माध्यम से |
| आधिकारिक पोर्टल | अपने राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के आधिकारिक पेंशन पोर्टल पर जानकारी देखें। |
प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना का परिचय: एक संक्षिप्त जानकारी
पति की मृत्यु के बाद कई महिलाओं के सामने परिवार का खर्च चलाने की चुनौती खड़ी हो जाती है। खासकर गरीब परिवारों की उन महिलाओं के लिए स्थिति और कठिन हो जाती है, जिनके पति परिवार की आय का मुख्य सहारा थे। ऐसी महिलाओं को भोजन, दवाइयों और घर के जरूरी खर्चों के लिए आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना के तहत पात्र विधवा महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है।
इस योजना की शुरुआत फरवरी 2009 में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के नाम से हुई थी। बाद में, 14 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसका नाम बदलकर प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना करने की मंजूरी दी। अब यह प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना के अंतर्गत एक उप-योजना के रूप में संचालित होती है।
इस योजना को ग्रामीण विकास मंत्रालय के ग्रामीण विकास विभाग द्वारा राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की सरकारों के सहयोग से लागू किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य पात्र विधवा महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता देना है, ताकि वे अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी कर सकें और सम्मान के साथ जीवनयापन कर सकें। इस योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं को अपनी ओर से कोई राशि जमा नहीं करनी पड़ती।
केंद्र सरकार 40 से 79 वर्ष की आयु की पात्र विधवा महिलाओं को ₹300 प्रति माह पेंशन देती है। वहीं, 80 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं को ₹500 प्रति माह मिलते हैं। इसके अतिरिक्त, राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की सरकारें अपनी ओर से भी पेंशन राशि दे सकती हैं। यह अतिरिक्त सहायता अलग-अलग राज्यों में ₹50 से ₹3,800 प्रति माह तक हो सकती है। कई राज्यों में केंद्र और राज्य सरकार की सहायता मिलाकर कुल पेंशन लगभग ₹1,000 प्रति माह हो जाती है। योजना का नाम बदलने के बाद भी पेंशन की निर्धारित दरों और पात्रता की शर्तों में बदलाव नहीं हुआ है।
इस योजना के लिए 40 वर्ष या उससे अधिक आयु की वे विधवा महिलाएं आवेदन कर सकती हैं, जिन्होंने दोबारा विवाह नहीं किया है और जो पात्र गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवार से संबंधित हैं। केंद्र सरकार की इस योजना में 40 वर्ष से कम आयु की विधवा महिलाएं शामिल नहीं हैं। हालांकि, कई राज्य सरकारें कम आयु की विधवा महिलाओं के लिए अलग पेंशन योजनाएं चलाती हैं।
पात्र महिलाएं उमंग की वेबसाइट या मोबाइल ऐप, अपने राज्य के पेंशन पोर्टल अथवा नजदीकी सरकारी कार्यालय के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। आवेदन करने से पहले पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण, बीपीएल प्रमाण और बैंक खाते की जानकारी तैयार रखें। आवेदन प्रक्रिया में सहायता के लिए संबंधित ब्लॉक कार्यालय या जिला समाज कल्याण कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
आप हमारी इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना से संबंधित जानकारी भी पढ़ सकते हैं। वहीं, 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र वरिष्ठ नागरिक प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना के बारे में जान सकते हैं। परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु होने पर आर्थिक सहायता से जुड़ी जानकारी के लिए प्रधानमंत्री पारिवारिक लाभ योजना भी देख सकते हैं।
विधवा महिलाएं, उनके परिवार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी खोज रहे अन्य पाठक हमारी केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाएं सूची में दूसरी योजनाओं के बारे में भी जान सकते हैं।
अक्टूबर 2026 में योजना का नाम बदलने का विधवा महिलाओं पर क्या असर पड़ा?
- 14 अक्टूबर 2026: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना करने की मंजूरी दी।
- पेंशन पहले की तरह जारी: योजना के तहत पहले से निर्धारित ₹300 और ₹500 की केंद्रीय पेंशन दरें और पात्रता की शर्तें जारी हैं।
- बड़ी सामाजिक सहायता योजना का हिस्सा: प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना के लिए वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक ₹53,428 करोड़ के बजट को मंजूरी दी गई है। इसके अंतर्गत लगभग 3.20 करोड़ लाभार्थियों को सहायता देने की जानकारी दी गई है।
- दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं: मौजूदा लाभार्थियों की पेंशन जारी रहती है। केवल नए लाभार्थियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करना होता है।
पात्र लाभार्थियों को मिलने वाले लाभ
प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना के तहत पात्र विधवा महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे वे रोजमर्रा के खर्च पूरे कर सकें। केंद्र सरकार निर्धारित मासिक पेंशन देती है, जबकि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की सरकारें अपनी ओर से अतिरिक्त राशि भी दे सकती हैं।
- 40 से 79 वर्ष की पात्र विधवा महिलाओं को केंद्र सरकार की ओर से ₹300 प्रति माह।
- 80 वर्ष या उससे अधिक आयु की पात्र महिलाओं को केंद्र सरकार की ओर से ₹500 प्रति माह।
- राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के नियमों के अनुसार ₹50 से ₹3,800 प्रति माह तक अतिरिक्त पेंशन मिलने की संभावना।
- कई राज्यों में केंद्र और राज्य की सहायता मिलाकर लगभग ₹1,000 प्रति माह पेंशन।
- पेंशन पाने के लिए किसी प्रीमियम या व्यक्तिगत अंशदान की जरूरत नहीं।
- प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से पेंशन सीधे लाभार्थी के बैंक या डाकघर खाते में भेजी जाती है।
- दी गई जानकारी के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत 67.83 लाख से अधिक विधवा महिलाएं शामिल हैं।
पात्रता की शर्तें
प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की पात्र विधवा महिलाओं को पेंशन दी जाती है। इस सहायता का लाभ लेने के लिए आवेदक को निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी।
- महिला विधवा हो और उसने दोबारा विवाह न किया हो।
- महिला की आयु 40 वर्ष या उससे अधिक हो। केंद्र सरकार की ₹300 प्रति माह की पेंशन 40 से 79 वर्ष की पात्र महिलाओं के लिए है।
- महिला निर्धारित नियमों के अनुसार गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवार से संबंधित हो।
- महिला भारत की नागरिक हो और जिस राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में आवेदन कर रही है, वहां निवास करती हो।
- 80 वर्ष या उससे अधिक आयु की पात्र विधवा महिलाओं को भी इसी योजना के तहत केंद्र सरकार की निर्धारित उच्च पेंशन दर मिलती है।
- 40 वर्ष से कम आयु की विधवा महिलाएं केंद्र सरकार की इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं। हालांकि, वे अपने राज्य की अलग विधवा पेंशन योजना की पात्रता जांच सकती हैं।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना के लिए आवेदन करते समय निर्धारित दस्तावेज जमा करने होते हैं। पति का मृत्यु प्रमाण पत्र सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में से एक है। इसके अलावा, आयु और बीपीएल स्थिति के प्रमाण से पात्रता की पुष्टि करने में मदद मिलती है। अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दस्तावेजों की सूची में थोड़ा अंतर हो सकता है।
- पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, जिसमें मृतक और जीवित पत्नी का विवरण हो।
- आधार कार्ड
- आयु प्रमाण पत्र, जैसे जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल प्रमाण पत्र।
- जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल प्रमाण पत्र उपलब्ध न होने पर राशन कार्ड या मतदाता पहचान पत्र।
- अन्य आयु प्रमाण उपलब्ध न होने पर सरकारी अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी आयु प्रमाण पत्र।
- बीपीएल कार्ड या गरीबी रेखा से नीचे होने का अन्य वैध प्रमाण।
- संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का निवास प्रमाण।
- बैंक या डाकघर की पासबुक, जिसमें खाता संख्या और आईएफएससी कोड दर्ज हो।
- हाल ही में खिंचवाई गई पासपोर्ट आकार की फोटो।
- आवेदन से संबंधित सूचना प्राप्त करने के लिए मोबाइल नंबर।
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कैसे करें?
प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना के लिए पात्र महिलाएं उमंग की वेबसाइट, मोबाइल ऐप, अपने राज्य के पेंशन पोर्टल या नजदीकी सरकारी कार्यालय के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। आप अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी उपलब्ध माध्यम को चुन सकती हैं। आवेदन शुरू करने से पहले पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, आयु प्रमाण, बीपीएल प्रमाण, बैंक पासबुक और हाल ही की फोटो अपने पास रख लें। इन दस्तावेजों को पहले से तैयार रखने से आवेदन भरने में आसानी होगी और अनावश्यक देरी से बचा जा सकेगा।
तरीका 1: उमंग की वेबसाइट से ऑनलाइन आवेदन
चरण 1: अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर उमंग की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
चरण 2: पंजीकरण करने के लिए Register विकल्प पर क्लिक करें और अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें।
चरण 3: मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करके पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करें।
चरण 4: वेबसाइट पर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना खोजें। संभव है कि उमंग पर यह योजना अभी भी अपने पुराने नाम से दिखाई दे।
चरण 5: यदि आपके राज्य के लिए यह सुविधा उपलब्ध है, तो अपने राज्य का चयन करें और Apply विकल्प पर क्लिक करें।
चरण 6: आवेदन पत्र में अपना नाम, पति का नाम, पता, आयु और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी सही-सही भरें।
चरण 7: मांगे गए दस्तावेजों की स्पष्ट स्कैन की गई प्रतियां अपलोड करें और आवेदन जमा कर दें।
चरण 8: स्क्रीन पर दिखाई देने वाली आवेदन संख्या या संदर्भ संख्या को सुरक्षित रख लें। बाद में आवेदन की स्थिति जानने के लिए इसकी जरूरत पड़ सकती है।
तरीका 2: उमंग मोबाइल ऐप से आवेदन
चरण 1: यदि आप एंड्रॉयड फोन इस्तेमाल करती हैं, तो Google Play Store पर जाकर उमंग ऐप खोजें। आईफोन इस्तेमाल करने वाली महिलाएं इसे Apple App Store से प्राप्त कर सकती हैं।
चरण 2: ऐप इंस्टॉल करके खोलें और अपनी पसंद की भाषा चुनें।
चरण 3: Register विकल्प पर टैप करें, अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें और फोन पर आए ओटीपी से उसका सत्यापन करें।
चरण 4: ऐप में विधवा पेंशन योजना खोजें और जांचें कि आपके राज्य के लिए यह सेवा उपलब्ध है या नहीं।
चरण 5: यदि आवेदन की सुविधा उपलब्ध है, तो अपने राज्य का चयन करके Apply विकल्प पर टैप करें।
चरण 6: आवेदन पत्र में सभी जानकारी सही-सही भरें। जहां दस्तावेज अपलोड करने के लिए कहा जाए, वहां उनकी स्पष्ट फोटो या स्कैन की गई प्रतियां लगाएं।
चरण 7: भरी गई जानकारी की जांच करें, आवेदन जमा करें और भविष्य में उपयोग के लिए आवेदन संख्या सुरक्षित रख लें।
तरीका 3: अपने राज्य के पेंशन पोर्टल से आवेदन
चरण 1: अपने राज्य के आधिकारिक पेंशन पोर्टल या समाज कल्याण विभाग की वेबसाइट पर जाएं।
चरण 2: पोर्टल के निर्देशों के अनुसार मोबाइल नंबर या आधार की जानकारी देकर पंजीकरण करें। यदि आपका खाता पहले से बना है, तो अपनी मौजूदा जानकारी से लॉगिन करें।
चरण 3: विधवा पेंशन का विकल्प खोजें और आवेदन पत्र खोलें।
चरण 4: अपनी व्यक्तिगत जानकारी, आयु, निवास और बैंक खाते का विवरण भरें। इसके बाद निर्धारित प्रारूप में जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
चरण 5: आवेदन जमा करने से पहले सभी जानकारियों को ध्यान से जांच लें। पंजीकरण संख्या या आवेदन संख्या को सुरक्षित रखें, ताकि बाद में आवेदन की स्थिति देख सकें।
| राज्य | आवेदन के लिए संबंधित वेबसाइट |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश | उत्तर प्रदेश सामाजिक सुरक्षा पेंशन पोर्टल |
| बिहार | बिहार सामाजिक सुरक्षा पेंशन पोर्टल |
| राजस्थान | राजस्थान की विधवा पेंशन योजना की जानकारी, जिसमें एसएसओ लॉगिन से जुड़ी जानकारी भी शामिल है। |
| उत्तराखंड | उत्तराखंड विधवा पेंशन का ऑनलाइन आवेदन पत्र |
| अन्य राज्य | आवेदन की प्रक्रिया जानने के लिए अपने राज्य के आधिकारिक समाज कल्याण विभाग या पेंशन पोर्टल पर जाएं। |
तरीका 4: ऑफलाइन आवेदन
चरण 1: यदि आप गांव में रहती हैं, तो अपनी ग्राम पंचायत के कार्यालय में जाएं। कस्बे या शहर में रहने वाली महिलाएं नगर पालिका कार्यालय से संपर्क कर सकती हैं।
चरण 2: आप विधवा पेंशन के लिए आवेदन की जानकारी लेने के लिए ब्लॉक विकास कार्यालय या जिला समाज कल्याण कार्यालय भी जा सकती हैं।
चरण 3: संबंधित अधिकारी से विधवा पेंशन का आवेदन पत्र मांगें और यह भी पता करें कि आप किस पेंशन योजना के लिए पात्र हैं।
चरण 4: आवेदन पत्र ध्यान से भरें। इसमें अपना नाम, पति का विवरण, आयु, घर का पता और बैंक खाते की जानकारी सही-सही दर्ज करें।
चरण 5: पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण, बीपीएल प्रमाण और बैंक पासबुक सहित सभी जरूरी दस्तावेजों की फोटोकॉपी आवेदन पत्र के साथ लगाएं।
चरण 6: भरा हुआ आवेदन पत्र और दस्तावेज संबंधित अधिकारी के पास जमा करें। जमा करने के बाद पावती रसीद या आवेदन संख्या जरूर लें, ताकि आपके पास आवेदन जमा करने का प्रमाण रहे।
यदि आप स्वयं आवेदन नहीं कर सकती हैं
चरण 1: अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाएं और वहां के संचालक से विधवा पेंशन के लिए आवेदन करने में सहायता मांगें।
चरण 2: आवश्यक दस्तावेज और अपनी व्यक्तिगत जानकारी उपलब्ध कराएं। केंद्र का संचालक उपलब्ध सुविधा के अनुसार ऑनलाइन आवेदन भरने और जमा करने में आपकी मदद कर सकता है।
चरण 3: आवेदन जमा होने के बाद रसीद या आवेदन संख्या जरूर प्राप्त करें। इसे सुरक्षित रखें, ताकि बाद में आवेदन की स्थिति पता कर सकें।
आवेदन जमा करने के बाद क्या होगा?
चरण 1: संबंधित स्थानीय या ब्लॉक स्तर का अधिकारी आपके आवेदन की जांच करेगा। इस दौरान दस्तावेजों, आयु और बीपीएल पात्रता का सत्यापन किया जा सकता है।
चरण 2: सक्षम अधिकारी आपके आवेदन की समीक्षा करेगा। निर्धारित शर्तें पूरी होने पर आवेदन को मंजूरी दी जा सकती है।
चरण 3: आवेदन मंजूर होने के बाद लागू व्यवस्था के अनुसार पेंशन की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से आपके पंजीकृत बैंक या डाकघर खाते में भेजी जाएगी।
चरण 4: आवेदन या पेंशन का विवरण देखते समय अपनी आवेदन संख्या पास रखें। सहायता की जरूरत होने पर स्थानीय पेंशन कार्यालय से भी संपर्क कर सकती हैं। उपलब्ध सेवाओं का उपयोग करने के लिए अपने राज्य के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं।
महत्वपूर्ण: संभव है कि विधवा पेंशन के लिए आवेदन की सुविधा उमंग या हर राज्य के पोर्टल पर उपलब्ध न हो। यदि आपको ऑनलाइन आवेदन का विकल्प नहीं मिलता है, तो संबंधित पेंशन कार्यालय से संपर्क करें या निर्धारित ऑफलाइन प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन करें। केवल योजना का नाम बदलने के कारण मौजूदा लाभार्थियों को नया आवेदन जमा करने की जरूरत नहीं है।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना से प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना तक: क्या बदला?
| वर्ष या तारीख | मुख्य बदलाव |
|---|---|
| फरवरी 2009 | गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवारों की पात्र विधवा महिलाओं को हर महीने ₹200 की आर्थिक सहायता देने के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना शुरू की गई। |
| 2011-12 | केंद्र सरकार की पेंशन राशि बढ़ाकर ₹300 प्रति माह कर दी गई। इस योजना में 40 से 79 वर्ष की आयु की विधवा महिलाएं शामिल थीं। |
| 14 अक्टूबर 2026 | केंद्रीय मंत्रिमंडल ने योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना करने की मंजूरी दी। साथ ही, योजना को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने की जानकारी दी गई। |
- क्या पहले जैसा है: 40 से 79 वर्ष की पात्र विधवा महिलाओं को केंद्र सरकार की ओर से ₹300 प्रति माह और 80 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं को ₹500 प्रति माह मिलते हैं। गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवार से संबंधित होने की शर्त भी लागू रहती है।
- क्या बदला है: योजना का नाम बदल गया है और अब यह प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना के अंतर्गत संचालित होती है।
- मौजूदा पेंशन लाभार्थियों को क्या करना होगा: केवल नाम बदलने के कारण उन्हें दोबारा आवेदन जमा करने की जरूरत नहीं है।
विधवा पेंशन और वृद्धावस्था पेंशन में अंतर: आपके लिए कौन-सी योजना सही है?
| विवरण | प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना | प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना |
|---|---|---|
| पात्र लाभार्थी | पात्र गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवारों की विधवा महिलाएं | पात्र BPL परिवारों के वरिष्ठ नागरिक, जिनमें पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल हैं |
| न्यूनतम आयु | 40 वर्ष | 60 वर्ष |
| 79 वर्ष तक की आयु में केंद्र सरकार की पेंशन | ₹300 प्रति माह | ₹200 प्रति माह |
| 80 वर्ष या उससे अधिक आयु में केंद्र सरकार की पेंशन | ₹500 प्रति माह | ₹500 प्रति माह |
| मुख्य दस्तावेज | पति का मृत्यु प्रमाण पत्र | आयु प्रमाण पत्र |
यदि कोई विधवा महिला पात्र BPL परिवार से संबंधित है और उसकी आयु 60 से 79 वर्ष के बीच है, तो वह अन्य निर्धारित शर्तें पूरी करने पर विधवा पेंशन योजना का लाभ ले सकती है। इस योजना में केंद्र सरकार की ओर से ₹300 प्रति माह पेंशन मिलती है, जबकि वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत इसी आयु वर्ग के पात्र लाभार्थियों को ₹200 प्रति माह मिलते हैं। आवेदन करने से पहले अपने राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के लागू नियमों की जांच जरूर करें।
योजना से जुड़े महत्वपूर्ण लिंक
- प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना का आधिकारिक पोर्टल
- उमंग के माध्यम से विधवा पेंशन के लिए आवेदन
- पेंशन सेवाओं के लिए उमंग की वेबसाइट
- एप्पल ऐप स्टोर पर उमंग ऐप
- उत्तर प्रदेश सामाजिक सुरक्षा पेंशन पोर्टल
- बिहार सामाजिक सुरक्षा पेंशन पोर्टल
- उत्तराखंड विधवा पेंशन का ऑनलाइन आवेदन पत्र
- भारत सरकार का ग्रामीण विकास मंत्रालय
सहायता की जरूरत होने पर संपर्क विवरण
- केंद्रीय मंत्रालय: ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय, कृषि भवन, नई दिल्ली – 110001
- उमंग हेल्पलाइन: 1800-11-5246 (उमंग के माध्यम से आवेदन करने में सहायता के लिए)
- उमंग ईमेल: customercare@umang.gov.in
- राज्य स्तर: अपने राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के समाज कल्याण अथवा सामाजिक न्याय विभाग से संपर्क करें।
- जिला स्तर: जिला समाज कल्याण अधिकारी से संपर्क करें।
- स्थानीय स्तर: ब्लॉक विकास कार्यालय, ग्राम पंचायत या नगर पालिका कार्यालय से संपर्क करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
उत्तर: प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना केंद्र सरकार की एक पेंशन योजना है। इसके तहत गरीब परिवारों की पात्र विधवा महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। पहले इस योजना को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (IGNWPS) के नाम से जाना जाता था।
उत्तर: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 अक्टूबर 2026 को योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना करने की मंजूरी दी।
उत्तर: नहीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, योजना के तहत मिलने वाली पेंशन की राशि और पात्रता की शर्तें पहले जैसी ही हैं।
उत्तर: केंद्र सरकार 40 से 79 वर्ष की आयु की पात्र विधवा महिलाओं को ₹300 प्रति माह और 80 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं को ₹500 प्रति माह पेंशन देती है।
उत्तर: हां। राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की सरकारें अपने नियमों के अनुसार हर महीने ₹50 से ₹3,800 तक की अतिरिक्त पेंशन दे सकती हैं। इसी वजह से अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मिलने वाली कुल पेंशन की राशि अलग हो सकती है।
उत्तर: 40 वर्ष या उससे अधिक आयु की ऐसी विधवा महिला, जिसने दोबारा विवाह न किया हो और जो पात्र गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवार से संबंधित हो, इस योजना के लिए आवेदन कर सकती है। इसके लिए उसे लागू पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होंगी।
उत्तर: नहीं। केंद्र सरकार की इस योजना में 40 वर्ष से कम आयु की विधवा महिलाएं शामिल नहीं हैं। हालांकि, कुछ राज्य सरकारें कम आयु की विधवा महिलाओं के लिए अलग पेंशन योजनाएं चलाती हैं। ऐसी योजनाओं की जानकारी के लिए अपने राज्य के समाज कल्याण विभाग से संपर्क करें।
उत्तर: हां। केंद्र सरकार की इस पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक महिला को निर्धारित गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवार से संबंधित होने की पात्रता शर्त पूरी करनी होगी।
उत्तर: पति का मृत्यु प्रमाण पत्र इस योजना के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसके अलावा, आवेदन करने वाली महिला को अपना आधार कार्ड, आयु प्रमाण पत्र, बीपीएल प्रमाण, निवास प्रमाण और बैंक या डाकघर की पासबुक भी तैयार रखनी चाहिए।
उत्तर: यदि संबंधित अधिकारी स्वीकार करता है, तो आप राशन कार्ड या मतदाता पहचान पत्र का उपयोग कर सकती हैं। यदि आपके पास आयु का कोई अन्य मान्य प्रमाण नहीं है, तो संबंधित सरकारी अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी से आयु प्रमाण पत्र बनवाने की सुविधा के बारे में जानकारी लें।
उत्तर: हां, यदि आपके राज्य में उमंग पर इस योजना की सुविधा उपलब्ध है। इसके लिए उमंग की वेबसाइट पर जाएं या मोबाइल ऐप खोलें। अपने मोबाइल नंबर से पंजीकरण करने के बाद विधवा पेंशन योजना खोजें और उपलब्ध निर्देशों के अनुसार आवेदन करें।
उत्तर: ऐसी स्थिति में अपने राज्य के आधिकारिक पेंशन पोर्टल पर जाएं। आप आवेदन की प्रक्रिया जानने के लिए ग्राम पंचायत, ब्लॉक कार्यालय, नगर पालिका या जिला समाज कल्याण कार्यालय से भी संपर्क कर सकती हैं।
उत्तर: नहीं। केवल योजना का नाम बदलने के कारण मौजूदा लाभार्थियों को नया आवेदन जमा करने की जरूरत नहीं है। हालांकि, उन्हें संबंधित विभाग द्वारा समय-समय पर बताए गए सत्यापन और दस्तावेजों से जुड़े नियमों का पालन करना चाहिए।
उत्तर: लागू व्यवस्था के अनुसार, सरकार प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से पेंशन की राशि सीधे लाभार्थी के पंजीकृत बैंक या डाकघर खाते में भेजती है।
उत्तर: इस लेख के लिए उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, पहले इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के नाम से संचालित इस योजना के तहत 67.83 लाख से अधिक विधवा महिलाएं लाभ प्राप्त कर रही हैं। लाभार्थियों की नवीनतम संख्या जानने के लिए संबंधित आधिकारिक सरकारी पोर्टल देखें।
उत्तर: उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना के लिए वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक ₹53,428 करोड़ के कुल बजट को मंजूरी दी गई है।
उत्तर: नहीं। प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना के तहत 40 वर्ष या उससे अधिक आयु की पात्र विधवा महिलाओं को पेंशन दी जाती है, जबकि प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन मिलती है। दोनों योजनाओं की पात्रता शर्तें अलग-अलग हैं।

तबस्सुम पिछले 5 वर्षों से केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर शोध और लेखन कार्य कर रही हैं। अब तक कृषि, महिला कल्याण, शिक्षा और आवास जैसे क्षेत्रों की 500 से अधिक योजनाओं की जानकारी सरल हिंदी भाषा में प्रदान की है, ताकि हर पात्र नागरिक अपने अधिकारों को समझ सके और योजनाओं का लाभ उठा सके।
