राजस्थान मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी

राजस्थान सरकार का मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना शहरी क्षेत्रों में रहने वाले पात्र परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 125 दिन का रोजगार उपलब्ध कराता है। इस योजना को राजस्थान सरकार का स्वायत्त शासन विभाग लागू करता है। 18 से 60 वर्ष की आयु वाले पात्र सदस्य आधिकारिक पोर्टल या ई-मित्र केंद्र के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं। सरकार ने इस योजना के लिए हर साल ₹800 करोड़ का बजट निर्धारित किया है।

राजस्थान मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना की मुख्य जानकारी
योजना का नाममुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना
पुराना नामइंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना
शुरुआत की तारीख9 सितंबर 2022
नाम बदलने की तारीख25 नवंबर 2024
संबंधित विभागस्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान सरकार
कार्यान्वयन करने वाली संस्थाएंनगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका सहित शहरी स्थानीय निकाय
योजना का प्रकारशहरी मजदूरी रोजगार गारंटी योजना
रोजगार की गारंटीप्रत्येक पात्र परिवार को एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 125 दिन का रोजगार
दैनिक मजदूरीउपलब्ध योजना संबंधी जानकारी के अनुसार अकुशल कार्य के लिए ₹259 प्रतिदिन। वर्तमान दर के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें।
भुगतान का तरीकालागू भुगतान प्रक्रिया के अनुसार सीधे बैंक खाते में राशि का हस्तांतरण
पात्र आयु सीमा18 से 60 वर्ष
मुख्य दस्तावेजजन आधार कार्ड या जन आधार नामांकन आईडी
कार्यस्थलसंबंधित शहरी स्थानीय निकाय की सीमा के भीतर
काम मिलने की समय-सीमायोजना संबंधी प्रावधानों के अनुसार काम की मांग करने के 15 दिन के भीतर रोजगार मिलने की अपेक्षा
आवेदन का तरीकाआधिकारिक योजना पोर्टल या ई-मित्र केंद्र; एसएसओ के माध्यम से भी सुविधा उपलब्ध हो सकती है
राज्य का वार्षिक बजटउपलब्ध योजना संबंधी जानकारी के अनुसार ₹800 करोड़
हेल्पलाइन नंबर18001806127
आधिकारिक पोर्टलमुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना पोर्टल

राजस्थान मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना का परिचय: एक संक्षिप्त विवरण

शहरों में दिहाड़ी मजदूरी करने वाले लोगों के लिए काम न मिलने का मतलब है उस दिन की कमाई का नुकसान। रोजगार के अवसर कम होने पर कई परिवारों को रोजमर्रा के खर्च पूरे करने में परेशानी होती है। राजस्थान सरकार ने ऐसे परिवारों को सहारा देने के लिए मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना शुरू की है। इसके तहत शहरी क्षेत्रों में रहने वाले पात्र परिवारों को मजदूरी के बदले काम मिलता है।

तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान के बजट 2022-23 में इस योजना की घोषणा की थी। सरकार ने इसे 9 सितंबर 2022 को इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना के नाम से शुरू किया। बाद में 25 नवंबर 2024 को इसका नाम बदलकर मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना कर दिया गया और नया लोगो जारी किया गया। योजना का संचालन राजस्थान सरकार का स्वायत्त शासन विभाग शहरी स्थानीय निकायों के माध्यम से करता है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य राजस्थान के शहरों और कस्बों में रहने वाले गरीब, जरूरतमंद और बेरोजगार परिवारों को मजदूरी के अवसर उपलब्ध कराना है। इसकी कार्यप्रणाली ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रमों की तर्ज पर तैयार की गई है। राज्य सरकार ने इसके लिए हर साल लगभग ₹800 करोड़ का बजट निर्धारित किया है।

योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 125 दिन का रोजगार मिल सकता है। संबंधित शहरी स्थानीय निकाय की सीमा के अलग-अलग वार्डों में भी काम दिया जा सकता है। इसमें पौधरोपण, नर्सरी की देखभाल, पार्कों का रखरखाव, नालियों की सफाई और कचरा संग्रहण जैसे कार्य शामिल हैं।

इस योजना के तहत काम पाने के लिए परिवार के पात्र सदस्य की उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक का नाम परिवार के जन आधार कार्ड में दर्ज होना भी जरूरी है। जिन परिवारों के पास जन आधार कार्ड नहीं है, वे ई-मित्र केंद्र के माध्यम से इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।

आवेदक जन आधार की जानकारी और ओटीपी सत्यापन के जरिए आधिकारिक पोर्टल पर जॉब कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। जो लोग खुद ऑनलाइन आवेदन नहीं करना चाहते, वे नजदीकी ई-मित्र केंद्र की मदद ले सकते हैं। पंजीकरण के बाद रोजगार पाने के लिए अलग से काम की मांग दर्ज करनी होती है। योजना के प्रावधानों के अनुसार, स्थानीय निकाय से काम की मांग करने के 15 दिन के भीतर रोजगार मिलने की अपेक्षा है। सहायता के लिए आवेदक 18001806127 पर टोल-फ्री हेल्पलाइन से संपर्क कर सकते हैं या अपने नगर निकाय कार्यालय जा सकते हैं।

छोटे व्यापारी अपना कारोबार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता चाहते हैं, तो वे मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना और केंद्र सरकार की पीएम स्वनिधि योजना के बारे में जानकारी ले सकते हैं। घर से काम करके कमाई करने की इच्छुक महिलाएं मुख्यमंत्री वर्क फ्रॉम होम जॉब वर्क योजना देख सकती हैं। वहीं, अपना व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे युवा मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

रोजगार के अवसरों और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पाने के लिए शहरी परिवार और राजस्थान के अन्य निवासी हमारे राजस्थान सरकार की कल्याणकारी योजनाएं पेज पर अन्य योजनाएं भी देख सकते हैं।

मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना के नवीनतम अपडेट

  • 9 सितंबर 2022: राजस्थान सरकार ने इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना के नाम से इसकी शुरुआत की। शुरुआत में प्रत्येक वर्ष अधिकतम 100 दिन के रोजगार का प्रावधान था।
  • फरवरी 2023: राज्य सरकार ने रोजगार की गारंटी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दी। यह बदलाव 1 अप्रैल 2023 से लागू हुआ।
  • 25 नवंबर 2024: स्वायत्त शासन विभाग ने योजना का नाम बदलकर मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना कर दिया और नया लोगो जारी किया।
  • नवीनतम आधिकारिक जानकारी: योजना के आधिकारिक पोर्टल पर 18 से 60 वर्ष की आयु वाले पंजीकृत आवेदकों के लिए 125 दिन के रोजगार का उल्लेख मिलता है। पोर्टल पर इस अवधि के लिए वित्त विभाग की मंजूरी की जानकारी भी दी गई है।
  • ध्यान दें: कई पुरानी वेबसाइटों पर अभी भी योजना का पुराना नाम या 100 दिन के रोजगार का उल्लेख मिल सकता है। सही और नवीनतम जानकारी के लिए आधिकारिक योजना पोर्टल देखें।
  • पहले से तैयारी करें: जॉब कार्ड के लिए आवेदन करने से पहले सुनिश्चित करें कि रोजगार पाने के इच्छुक सभी परिवार के सदस्यों के नाम जन आधार कार्ड में दर्ज हैं।

पात्र लाभार्थियों को मिलने वाले लाभ

मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना राजस्थान के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले पात्र परिवारों को उनके आसपास मजदूरी के अवसर उपलब्ध कराती है। पंजीकृत श्रमिकों को योजना के तहत निम्नलिखित लाभ मिल सकते हैं।

  • प्रत्येक पात्र परिवार को एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 125 दिन का रोजगार
  • लागू नियमों के अनुसार जन आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे मजदूरी का भुगतान, निर्धारित समय-सीमा 15 दिन तक
  • नवीनतम सरकारी अधिसूचना के अधीन अकुशल कार्य के लिए ₹259 प्रतिदिन की मजदूरी
  • समान कार्य करने पर पुरुषों और महिलाओं को समान मजदूरी
  • संबंधित शहरी स्थानीय निकाय की सीमा के विभिन्न वार्डों में रोजगार के अवसर
  • योजना के नियमों के अनुसार काम की मांग के 15 दिन के भीतर रोजगार आवंटित किए जाने की व्यवस्था
  • पंजीकरण और जॉब कार्ड बनवाने की निःशुल्क सुविधा
  • पौधरोपण, नर्सरी की देखभाल, पार्कों का रखरखाव, नालियों और जल निकायों की सफाई, कचरा संग्रहण तथा अनधिकृत बोर्ड हटाने जैसे कार्य
  • योजना संबंधी उपलब्ध जानकारी के अनुसार राज्य सरकार की ओर से हर साल ₹800 करोड़ का बजट समर्थन

पात्रता की शर्तें

मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना के तहत रोजगार पाने के लिए आवेदक और उसके परिवार को निर्धारित शर्तें पूरी करनी होंगी। आवेदन करने से पहले निम्नलिखित पात्रता शर्तें जांच लें।

  • परिवार राजस्थान के किसी शहरी स्थानीय निकाय की सीमा में रहता हो।
  • परिवार के पास जन आधार कार्ड या जन आधार नामांकन आईडी हो।
  • आवेदक की उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच हो।
  • आवेदक का नाम परिवार के जन आधार कार्ड में दर्ज हो।
  • एक ही परिवार के पात्र वयस्क सदस्य अलग-अलग रोजगार के लिए पंजीकरण करा सकते हैं।
  • योजना के लागू नियमों के अनुसार प्रत्येक पात्र परिवार को एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 125 दिन का रोजगार मिल सकता है।
  • जन आधार कार्ड नहीं होने पर परिवार आधिकारिक जन आधार पोर्टल या नजदीकी ई-मित्र केंद्र के माध्यम से नामांकन करा सकता है।
  • यह योजना शहरी क्षेत्रों के लिए है। ग्रामीण क्षेत्रों में लागू ग्रामीण रोजगार योजना के तहत रोजगार के अवसर मिलते हैं।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना में पात्र परिवार के सदस्यों का पंजीकरण जन आधार की जानकारी के आधार पर किया जाता है। आवेदन से पहले नीचे दी गई जानकारी और दस्तावेज तैयार रखें। जरूरत पड़ने पर ई-मित्र केंद्र या स्थानीय शहरी निकाय आपसे अतिरिक्त दस्तावेज भी मांग सकता है।

जरूरी दस्तावेज और जानकारी

  • परिवार का जन आधार कार्ड या जन आधार नामांकन आईडी
  • परिवार के जन आधार कार्ड में दर्ज आवेदक का नाम
  • ओटीपी सत्यापन के लिए जन आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर
  • मजदूरी प्राप्त करने के लिए जन आधार से जुड़े बैंक खाते का विवरण

अन्य दस्तावेज जो तैयार रखने चाहिए

  • आवेदक का आधार कार्ड
  • राजस्थान सिंगल साइन-ऑन पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण करने के लिए एसएसओ आईडी
  • नगरपालिका क्षेत्र में निवास का प्रमाण, यदि मांगा जाए
  • हाल की पासपोर्ट साइज फोटो, यदि स्थानीय शहरी निकाय इसकी मांग करे

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कैसे करें?

मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना में आवेदन करने के लिए सबसे पहले परिवार के पात्र सदस्यों का पंजीकरण कराकर जॉब कार्ड बनवाना होता है। इसके बाद रोजगार पाने के लिए काम की मांग दर्ज करनी होती है। आप यह प्रक्रिया योजना के आधिकारिक पोर्टल पर पूरी कर सकते हैं या नजदीकी ई-मित्र केंद्र की मदद ले सकते हैं। सहायता के लिए योजना की हेल्पलाइन 18001806127 पर संपर्क करें।

आवेदन से पहले जन आधार कार्ड तैयार रखें

चरण 1: सबसे पहले जांच लें कि आपके परिवार के पास जन आधार कार्ड या जन आधार नामांकन आईडी है।

चरण 2: यदि आपके परिवार के पास दोनों में से कोई भी नहीं है, तो राजस्थान जन आधार पोर्टल पर जाकर नामांकन के लिए आवेदन करें।

चरण 3: आप चाहें तो नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर ऑपरेटर से जन आधार के लिए आवेदन करने में मदद ले सकते हैं।

चरण 4: जांच लें कि काम करने के इच्छुक परिवार के सभी सदस्यों के नाम जन आधार कार्ड में दर्ज हैं।

चरण 5: परिवार के मुखिया के जन आधार से जुड़े मोबाइल फोन को अपने पास रखें। सत्यापन के लिए इस नंबर पर ओटीपी आ सकता है।

आधिकारिक पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन करें

चरण 1: मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना का आधिकारिक पोर्टल खोलें।

चरण 2: पोर्टल पर उपलब्ध जॉब कार्ड और काम के आवेदन वाले पेज पर जाएं।

चरण 3: मांगे गए स्थान पर अपना जन आधार नंबर या जन आधार नामांकन आईडी दर्ज करें।

चरण 4: विवरण सत्यापित करने के लिए पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आया ओटीपी दर्ज करें।

चरण 5: रोजगार के लिए पंजीकरण कराने वाले 18 से 60 वर्ष की आयु के पात्र परिवार के सदस्यों का चयन करें।

चरण 6: पोर्टल पर मांगी गई स्व-घोषणा पूरी करें।

चरण 7: आवेदन जमा करें। यदि पोर्टल पर सुविधा उपलब्ध हो, तो जॉब कार्ड डाउनलोड करें या भविष्य के लिए उसकी कॉपी सुरक्षित रखें।

चरण 8: आप राजस्थान सिंगल साइन-ऑन (SSO) पोर्टल पर अपनी एसएसओ आईडी से लॉगिन करके भी देख सकते हैं कि वहां से योजना की सुविधा उपलब्ध है या नहीं।

चरण 9: पंजीकरण पूरा होने के बाद काम के आवेदन का विकल्प खोलें। वार्ड और काम की अवधि जैसी जरूरी जानकारी भरें और रोजगार की मांग जमा करें।

ई-मित्र केंद्र के माध्यम से आवेदन करें

चरण 1: जन आधार की जानकारी और मोबाइल फोन लेकर नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाएं।

चरण 2: ऑपरेटर को बताएं कि आप मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना के तहत जॉब कार्ड बनवाना चाहते हैं।

चरण 3: ऑपरेटर को अपना जन आधार नंबर या नामांकन आईडी दें।

चरण 4: परिवार के विवरण से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी के माध्यम से सत्यापन पूरा करें।

चरण 5: रोजगार के लिए पंजीकरण कराने वाले 18 से 60 वर्ष की आयु के पात्र सदस्यों का चयन करें।

चरण 6: ऑपरेटर से आवेदन जमा करने और जॉब कार्ड प्राप्त करने में मदद करने को कहें।

चरण 7: पंजीकरण पूरा होने के बाद ऑपरेटर से रोजगार की मांग भी दर्ज करने को कहें।

चरण 8: यदि आवेदन की रसीद मिले, तो उसे जरूर लें और जॉब कार्ड सुरक्षित रखें।

जॉब कार्ड मिलने के बाद क्या करें?

चरण 1: काम की मांग जमा करने के बाद संबंधित शहरी निकाय, जैसे नगर निगम, नगर परिषद या नगर पालिका, के जवाब का इंतजार करें। योजना संबंधी जानकारी के अनुसार काम आवंटित करने के लिए 15 दिन की समय-सीमा निर्धारित है।

चरण 2: काम मिलने पर निर्धारित कार्यस्थल पर पहुंचें। इसमें पौधरोपण, पार्कों की देखभाल या अन्य स्वीकृत सार्वजनिक कार्य शामिल हो सकते हैं।

चरण 3: हर कार्य दिवस पर अपनी उपस्थिति सही तरीके से दर्ज करवाएं।

चरण 4: मजदूरी के भुगतान के लिए अपना बैंक खाता जांचते रहें। योजना की जानकारी में लागू नियमों और भुगतान प्रक्रिया के अधीन 15 दिन के भीतर भुगतान का उल्लेख है।

चरण 5: काम मिलने या मजदूरी के भुगतान में परेशानी होने पर 18001806127 पर हेल्पलाइन से संपर्क करें या स्थानीय शहरी निकाय के कार्यालय में जाएं।

महत्वपूर्ण: आवेदन के लिए आधिकारिक योजना पोर्टल या अधिकृत ई-मित्र केंद्र का ही उपयोग करें। जॉब कार्ड बनवाने या रोजगार दिलाने का वादा करने वाले अनधिकृत एजेंट को पैसे न दें।

योजना से जुड़े महत्वपूर्ण लिंक

सहायता के लिए संपर्क विवरण

  • विभाग: स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान सरकार
  • टोल-फ्री हेल्पलाइन: 18001806127
  • ईमेल: irgyurban.lsg@rajasthan.gov.in
  • स्थानीय स्तर पर सहायता: अपने नगर निगम, नगर परिषद या नगर पालिका के कार्यालय से संपर्क करें। यही निकाय स्थानीय स्तर पर काम आवंटित करता है।
  • पंजीकरण में सहायता: जन आधार और जॉब कार्ड बनवाने के लिए नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न. मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना क्या है?

उत्तर. यह राजस्थान सरकार की योजना है, जिसके तहत पात्र शहरी परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 125 दिन का मजदूरी आधारित रोजगार मिलता है।

प्रश्न. इस योजना को कौन-सा विभाग लागू करता है?

उत्तर. राजस्थान सरकार का स्वायत्त शासन विभाग शहरी स्थानीय निकायों के माध्यम से इस योजना को लागू करता है।

प्रश्न. योजना का पुराना नाम क्या था?

उत्तर. शुरुआत में इस योजना का नाम इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना था। उपलब्ध योजना संबंधी जानकारी के अनुसार, 25 नवंबर 2024 को इसका नाम बदल दिया गया।

प्रश्न. एक परिवार को कितने दिन का रोजगार मिल सकता है?

उत्तर. योजना के नियमों के अनुसार, प्रत्येक पात्र परिवार को एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 125 दिन का रोजगार मिल सकता है।

प्रश्न. इस योजना के तहत कौन पंजीकरण करा सकता है?

उत्तर. राजस्थान के शहरी स्थानीय निकाय की सीमा में रहने वाले परिवार के 18 से 60 वर्ष की आयु के पात्र सदस्य योजना की शर्तें पूरी करके रोजगार के लिए पंजीकरण करा सकते हैं।

प्रश्न. क्या जन आधार कार्ड जरूरी है?

उत्तर. हां, योजना के तहत जॉब कार्ड बनवाने और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए जन आधार कार्ड या जन आधार नामांकन आईडी की जरूरत होती है।

प्रश्न. मेरे परिवार के पास जन आधार कार्ड नहीं है, तो क्या करें?

उत्तर. आप राजस्थान जन आधार पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं या नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर सहायता ले सकते हैं।

प्रश्न. अगर मेरा नाम परिवार के जन आधार कार्ड में नहीं है, तो क्या मैं पंजीकरण करा सकता हूं?

उत्तर. नहीं, पंजीकरण से पहले आपका नाम परिवार के जन आधार विवरण में दर्ज होना चाहिए। इसलिए जॉब कार्ड के लिए आवेदन करने से पहले अपना नाम जुड़वा लें।

प्रश्न. जॉब कार्ड कैसे बनवाएं?

उत्तर. आधिकारिक जॉब कार्ड आवेदन पेज खोलें, जन आधार का विवरण भरें, ओटीपी सत्यापन पूरा करें और पात्र परिवार के सदस्यों का चयन करें। आप ई-मित्र केंद्र से भी सहायता ले सकते हैं।

प्रश्न. क्या ई-मित्र केंद्र से आवेदन कर सकते हैं?

उत्तर. हां, आप ई-मित्र केंद्र पर जाकर पंजीकरण, जॉब कार्ड बनवाने और रोजगार की मांग दर्ज करने में सहायता ले सकते हैं।

प्रश्न. क्या आवेदन के लिए एसएसओ आईडी जरूरी है?

उत्तर. यदि आप राजस्थान सिंगल साइन-ऑन (SSO) पोर्टल के माध्यम से योजना का लाभ लेने के लिए लॉगिन करते हैं, तो एसएसओ आईडी की जरूरत होगी। अन्य उपलब्ध विकल्पों की जानकारी के लिए आधिकारिक योजना पोर्टल देखें।

प्रश्न. जॉब कार्ड मिलने के बाद काम की मांग कैसे करें?

उत्तर. आधिकारिक पोर्टल या ई-मित्र केंद्र के माध्यम से रोजगार की मांग दर्ज करें। इसके बाद संबंधित शहरी स्थानीय निकाय उपलब्ध प्रक्रिया के अनुसार काम आवंटित करता है।

प्रश्न. रोजगार कितने दिनों में मिल सकता है?

उत्तर. योजना संबंधी जानकारी के अनुसार, काम की मांग दर्ज करने के बाद 15 दिन के भीतर रोजगार आवंटित करने की व्यवस्था है। जवाब नहीं मिलने पर स्थानीय शहरी निकाय से संपर्क करें।

प्रश्न. योजना के तहत प्रतिदिन कितनी मजदूरी मिलती है?

उत्तर. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अकुशल कार्य के लिए मजदूरी की दर ₹259 प्रतिदिन बताई गई है। वर्तमान दर की पुष्टि के लिए आधिकारिक योजना पोर्टल देखें।

प्रश्न. मजदूरी का भुगतान कैसे किया जाता है?

उत्तर. योजना की भुगतान प्रक्रिया के अनुसार मजदूरी सीधे पात्र श्रमिक के बैंक खाते में भेजी जाती है। बैंक विवरण सही रखें और भुगतान की समय-सीमा के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें।

प्रश्न. योजना के तहत किस तरह के काम मिलते हैं?

उत्तर. इसमें पौधरोपण, नर्सरी की देखभाल, पार्कों का रखरखाव, नालियों की सफाई, जल निकायों की देखभाल, कचरा संग्रहण और अनधिकृत बोर्ड हटाने जैसे काम शामिल हो सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए स्वीकृत कार्यों की आधिकारिक सूची देखें।

प्रश्न. मुझे किस जगह पर काम मिलेगा?

उत्तर. योजना के तहत संबंधित शहरी स्थानीय निकाय की सीमा में काम दिया जाता है। काम की उपलब्धता और योजना के नियमों के अनुसार कार्यस्थल तय होता है।

प्रश्न. क्या महिलाएं भी इस योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं?

उत्तर. हां, 18 से 60 वर्ष की आयु की पात्र महिलाएं भी योजना की शर्तें पूरी करके रोजगार के लिए पंजीकरण करा सकती हैं।

प्रश्न. क्या यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में भी लागू है?

उत्तर. नहीं, मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना शहरी क्षेत्रों के लिए है। ग्रामीण परिवारों को अपने क्षेत्र में लागू ग्रामीण रोजगार योजना की जानकारी लेनी चाहिए।

प्रश्न. इस योजना के लिए राज्य सरकार कितना बजट खर्च करती है?

उत्तर. उपलब्ध योजना संबंधी जानकारी के अनुसार, इसके लिए हर साल लगभग ₹800 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है। वर्तमान बजट की पुष्टि के लिए नवीनतम सरकारी आदेश देखें।

प्रश्न. क्या जॉब कार्ड बनवाने के लिए किसी को पैसे देने पड़ते हैं?

उत्तर. आवेदन के लिए आधिकारिक पोर्टल या अधिकृत ई-मित्र केंद्र का उपयोग करें। जॉब कार्ड बनवाने या रोजगार दिलाने का वादा करने वाले किसी अनधिकृत एजेंट को पैसे न दें।

प्रश्न. योजना से जुड़ी सहायता कहां से प्राप्त करें?

उत्तर. आप 18001806127 पर हेल्पलाइन से संपर्क कर सकते हैं या अपने स्थानीय शहरी निकाय के कार्यालय अथवा नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर सहायता ले सकते हैं।

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